बिना वैकल्पिक मार्ग के कुड़वार नाका रेल क्रॉसिंग बंद होने से दो लाख लोगों के सामने समय से आपात सेवा मिलने की चुनौती खड़ी हो गई है। शहर के पश्चिमी छोर के गांवों तक में एंबुलेंस, पुलिस व फायर ब्रिगेड जैसी सेवाएं समय से नहीं मिल सकेंगी।
बल्दीराय तहसील से जुड़े गांवों की दूरी बढ़ने का खामियाजा ग्रामीणों के साथ संबंधित विभागों को भी भुगतना पड़ेगा। कुड़वार नाका रेलवे क्रॉसिंग को ओवर ब्रिज निर्माण के लिए बिना वैकल्पिक मार्ग दिए बंद करने से ग्रामीणों के साथ पुलिस, फायर व स्वास्थ्य विभाग के सामने भी समस्या खड़ी हो गई है।
जिला मुख्यालय से बल्दीराय तहसील मुख्यालय की दूरी करीब 36 किलोमीटर बढ़ने से इन विभागों के सामने ग्रामीणों को आपातकालीन सेवाएं पहुंचाने की समस्या बढ़ गई है।
तहसील क्षेत्र के अधिकतर गांवों में इन विभागों को आपातकालीन सेवाएं पहुंचाने के लिए 36 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी। इसकी वजह से ग्रामीणों को अब आपातकालीन सेवाएं देर से मिल सकेंगी।
जिला मुख्यालय से बल्दीराय की दूरी 58 किलोमीटर है। कुड़वार नाका क्रॉसिंग का रास्ता बंद होने से अब बल्दीराय के लोगों को कुड़वार वाया अलीगंज होते हुए 58 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही है।
इसी तरह से हलियापुर की दूरी जिला मुख्यालय से 43 किलोमीटर है। अब कुड़वार वाया अलीगंज होते हुए जिला मुख्यालय पहुंचने में लोगों को 65 किलोमीटर का फासला तय करना पड़ रहा है।
कुड़वार कस्बे के जो लोग 14 किलोमीटर की दूरी तय करके सुल्तानपुर मुख्यालय पहुंच जाते थे, वे अब 36 किलोमीटर का रास्ता तय कर सुल्तानपुर पहुंच रहे हैं। कुड़वार से अलीगंज की दूरी 12 किलोमीटर है जबकि अलीगंज से सुल्तानपुर की दूरी 24 किलोमीटर है।