सुल्तानपुर। जिला कारागार में बंद हत्या आरोपी बंदी नकछेद की सोमवार रात संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में कार्रवाई की तैयारी है। जेल अधीक्षक प्रांजिल अरविंद ने मामले में बैरक नंबर 12 के मुख्य प्रभारी व एक सहायक को लापरवाही के लिए जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने डीआईजी जेल अयोध्या को रिपोर्ट भेजकर दोनों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है।
जेल अधीक्षक के अनुसार धनपतगंज के चरथई निवासी नकछेद कोरी को गत 25 मार्च को सीजेएम नवनीत सिंह की अदालत से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया था। उस पर पत्नी कुसुम की हत्या का आरोप था। उसे जिला कारागार की बैरक संख्या 12 में रखा गया था।
उन्होंने बताया कि सोमवार रात उन्हें जेल कर्मियों ने सूचना दी कि नकछेद की मौत हो गई है। उसका शव बैरक के प्रसाधन गृह में प्लास्टिक की रस्सी के सहारे लटका है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मियों की ओर से निगरानी में लापरवाही बरती गई। इसी आधार पर बैरक के मुख्य प्रभारी व सहायक को जिम्मेदार मानते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
जेल अधीक्षक ने बताया कि रिपोर्ट डीआईजी जेल अयोध्या को भेज दी गई है। उनके निर्देश के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के संबंध में अन्य पहलुओं की भी जांच स्थानीय स्तर पर की जा रही है, जिससे मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट पता चल सके।