स्थानीय ब्लॉक के अलग-अलग गांवों में बीएलओ की जिम्मेदारी संभाल रहे दो सफाई कर्मियों को शुक्रवार देर रात डीएम के आदेश पर निलंबित कर दिया गया। दोनों सफाई कर्मियों पर मतदाता सूची के पुनरीक्षण में लापरवाही बरतने का आरोप है।
दोनों गांवों के लोगों द्वारा आए दिन कलेक्ट्रेट में किए जा रहे धरना-प्रदर्शन से आजिज प्रशासन की ओर से की गई इस कार्रवाई से पुनरीक्षण कार्य में लगे कर्मचारियों में हड़कंप मचा है। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से पंचायत चुनाव के पूर्व विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान चलाकर लिस्ट को अपडेट करने का आदेश दिया गया था।
आयोग का आदेश और प्रशासन की लिखित सहमति मिलने के बाद जिला निर्वाचन कार्यालय ने अधिकतर सफाई कर्मियों को बीएलओ के रूप में नियुक्त करते हुए मतदाता सूची को त्रुटि रहित करने का निर्देश दिया था। मतदाता सूची को त्रुटि रहित करने का यह कार्य बीते पंचायत चुनाव के बाद मौजूदा चुनाव के एकदम पहले तक किया गया।
बावजूद इसके अधिकांश गांवों से मतदाता सूची अपडेट करने में भेदभाव करने व प्रभावशाली लोगों को लाभ पहुंचाने के आरोप लगे। इतना ही नहीं, सराय हृदयशाह, सुजानपुर व कई अन्य गांव ऐसे रहे जहां के ग्रामीणों ने कलेेक्ट्रेट का घेराव करने के साथ ही कई मर्तबा धरना प्रदर्शन भी किया।
ग्रामीणों की ओर से लगातार किए गए प्रदर्शन से आजिज प्रशासन ने मामले की जांच कराई तो पता चला कि सराय हृदयशाह के 107 लोगों को अपमार्जन सूची में डालने के साथ ही सुजानपुर की मतदाता सूची में जो गड़बड़ी हुई, उसके लिए पूरी तरह से बीएलओ जिम्मेदार हैं।
जांच में गड़बड़ी की पुष्टि के बाद शुक्रवार देर रात डीएम जगतराज त्रिपाठी ने सराय हृदयशाह में बीएलओ के रूप में तैनात सराय बरबंड सिंह के सफाई कर्मी हरीलाल और सुजानपुर में बीएलओ बनाए गए सेंभुई के सफाई कर्मी विजय कुमार को निलंबित कर दिया।
प्रशासन की ओर से की गई इस कार्रवाई से बीएलओ का काम देख रहे अलग-अलग विभागों के कर्मचारियों में हड़कंप मचा है। एसडीएम गौरीगंज वंदिता श्रीवास्तव ने दोनों बीएलओ के निलंबन की पुष्टि की है।