सुल्तानपुर। सड़क हादसे में घायल अधेड़ को एंबुलेंस से अस्पताल ले जाते समय तेज रफ्तार ट्रक ने पीछे से टक्कर मार दिया। ट्रक की टक्कर से एंबुलेंस सौ मीटर दूर घिसटते हुए एक चाय की दुकान से जा टकराई।
हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में ले लिया है।
मोतिगरपुर थाना क्षेत्र के बढ़ौनाडीह गांव निवासी श्याम सुंदर अग्रहरि (45) रविवार की देर शाम को क्षेत्र के धधुआं (पारसपट्टी) के पास एक जंगली जानवर से टकराकर घायल हो गए थे। श्याम सुंदर को एंबुलेंस से सीएचसी कादीपुर ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकिसकों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
परिवारीजन श्याम सुंदर को एंबुलेंस से लेकर जिला अस्पताल जा रहे थे। रास्ते में बढ़ौनाडीह में घर के सामने जब एंबुलेंस पहुंची तो उसे रोककर परिवारीजन ठंड से बचाव के लिए रजाई व कंबल लेने लगे।
इस बीच कई लोग एंबुलेंस के पास पहुंचकर श्याम सुंदर का हाल ले रहे थे तभी कादीपुर से सुल्तानपुर की तरफ जा रहे तेज रफ्तार ट्रक ने एंबुलेंस में पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि एंबुलेंस सौ मीटर दूर तक घिसटते हुए सत्य प्रकाश अग्रहरि की चाट की दुकान को तोड़ते हुए उसमें घुस गई।
हादसे में श्याम सुंदर का भतीजा बेचन अग्रहरि (40), राजकुमारी (40) पत्नी श्याम सुंदर, रमाशंकर अग्रहरि (55), राकेश अग्रहरि (38) गंभीर रूप से घायल हो गए। चीख-पुकार के बाद पहुंचे लोगों ने लखनऊ-बलिया राजमार्ग पर लकड़ी का बोटा रखकर जाम लगा दिया।
घायलों को अस्पताल ले जाने के लिए जयसिंहपुर से पहुंची एक एंबुलेंस को लोगों ने क्षतिग्रस्त कर दिया। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंचे प्रभारी थानाध्यक्ष केसी यादव ने मौके से भाग रहे ट्रक का पीछा कर उसे पकड़ लिया।
केसी यादव ने लोगों को बताया कि ट्रक को पकड़ लिया गया है, तब जाकर लोगों का गुस्सा शांत हुआ। पुलिस ने घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने बेचन को मृत घोषित कर दिया।
मोतिगरपुर। बढौनाडीह गांव निवासी बेचन अग्रहरि के परिवार में पत्नी इंद्रावती के साथ ही बेटी पूनम व दो बेटे हैं। बेटों में विजय व सौरभ हैं। बेचन अग्रहरि की मौत से परिवार में कोहराम मचा है।