टीकरमाफी में संचालित ट्रिपल आईटी इलाहाबाद की कैंपस शाखा मंगलवार को अचानक बंद कर देने के बाद वहां तैनात कर्मचारी खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। कर्मचारी संघ अध्यक्ष की ओर से बुधवार को प्रधानमंत्री, मानव संसाधन विकास मंत्री, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को एक पत्र भेजा गया।
पत्र में कर्मचारियों ने परिसर में संचालित होने जा रहे डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की सेटेलाइट शाखा में समायोजित करने की मांग की है। मांगें नहीं माने जाने पर कर्मचारी संगठन ने आंदोलन का अल्टीमेटम दिया है। उधर मंगलवार को अचानक टीकरमाफी में स्थित ट्रिपल आईटी की कैंपस शाखा में अध्ययनरत छात्रों को इलाहाबाद शिफ्ट करने के बाद परिसर की चहल-पहल गायब हो गई। बुधवार को पूरे परिसर में सन्नाटा पसरा रहा। ड्यूटी पर तैनात गार्ड व कर्मचारी मेन गेट पर जरूर मौजूद रहे।
15 अप्रैल वर्ष 2005 को ट्रिपल आईटी इलाहाबाद की कैंपस शाखा टीकरमाफी में खोली गई थी। करीब 11 वर्षों तक संचालित कैंपस शाखा के दो अगस्त वर्ष 2016 को अचानक बंद कर देने से कैंपस शाखा में कार्यरत करीब 75 कर्मचारियों केे समक्ष रोजगार की समस्या उत्पन्न हो गई है।
कैंपस शाखा के बंद होने के बाद हरकत में आए कर्मचारियों ने बैठक कर रणनीति बनाई है। संगठन अध्यक्ष जगन्नाथ पांडेय ने बताया कि बैठक में सर्वसम्मति से यहां कार्यरत कर्मचारियों को परिसर में संचालित होने जा रही डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की सेटेलाइट शाखा में समायोजित करने के लिए प्रधानमंत्री सहित संबंधित अन्य मंत्रालय को मांग पत्र भेजने का निर्णय लिया गया।
कहा कि बुधवार को पीएमओ, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, अमेठी सांसद व कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को मांग पत्र भेजा गया। मांग पत्र में ट्रिपल आईटी की कैंपस शाखा में कार्यरत समस्त 75 कर्मचारियों को विश्वविद्यालय की सेटेलाइट शाखा में समायोजित करने की मांग की गई है। मांगें नहीं मानने पर आंदोलन का अल्टीमेटम दिया गया है।