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Sultanpur News: शराब की गंध आई तो स्टार्ट ही नहीं होगी गाड़ी

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डिवाइस तैयार करने वाले छात्रों के साथ केएनआईटी के इलेक्ट्रिकल विभाग के प्रोफेसर। 
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सुल्तानपुर। कमला नेहरू प्रौद्योगिकी संस्थान (केएनआईटी) के छात्रों ने अल्कोहल डिटक्शन डिवाइस विकसित की है, जो शराब पीकर गाड़ी स्टार्ट करने की कोशिश करने पर इंजन को चालू नहीं होने देती। यह डिवाइस चालक की सांस से अल्कोहल डिटेक्ट करती है, और इंजन को लॉक कर देती है।
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हर साल देश में सबसे ज्यादा मौतें सड़क हादसों में हो रही हैं। इन हादसों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से केएनआईटी के छात्रों ने डिवाइस तैयार की है, जो सड़क सुरक्षा को एक नया आयाम दे सकती है। इस प्रोजेक्ट को बीटेक अंतिम वर्ष के छात्र अनुज कुमार पचौरी, निधि वर्मा, गोविंद राणा और रवि कुमार यादव ने मिलकर तैयार किया है। डिवाइस की लागत लगभग चार हजार रुपये है, और इसमें जीएसएम (ग्लोबल सिस्टम फॉर मोबाइल कम्युनिकेशन) मॉड्यूल तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
प्रोजेक्ट टीम की सदस्य निधि वर्मा ने बताया कि डिवाइस में लगा अल्कोहल सेंसर ड्राइवर की सांस से शराब की गंध को तुरंत पहचान लेता है। चालक ने शराब पी होगी तो गाड़ी स्टार्ट नहीं होगी। डिवाइस के जरिए एसएमएस के माध्यम से वाहन मालिक को लोकेशन सहित सूचना चली जाएगी। प्रोजेक्ट को तैयार करने में डॉ. एएस पांडेय और प्रो. एनके राय ने तकनीकी मार्गदर्शन दिया। निदेशक प्रो. आरके उपाध्याय ने कहा कि यह इनोवेशन न केवल तकनीकी रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण से भी एक सकारात्मक बदलाव की ओर संकेत करता है। इसे व्यापक स्तर पर लागू किया जाए तो बेहतर परिणाम सामने आ सकते हैं।
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सड़क सुरक्षा में होगा अहम योगदान
इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के अध्यक्ष डॉ. सौरभ मणि त्रिपाठी ने इस डिवाइस को सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में संभावित क्रांतिकारी कदम बताया। उनका मानना है कि यदि इस तकनीक को बड़े पैमाने पर अपनाया जाए, तो यह शराब के नशे में गाड़ी चलाने से होने वाली दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी ला सकती है।
एआई तकनीक से और सशक्त होगी डिवाइस
छात्रों का कहना है कि यदि इस डिवाइस को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जोड़ा जाए तो यह और अधिक स्मार्ट, सटीक और किफायती बन सकती है। यह तकनीक भविष्य में वाहन चालकों की आदतों का विश्लेषण करने और दुर्घटनाओं को रोकने में अहम भूमिका निभा सकती है।
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