सुल्तानपुर। जिले में रविवार तड़के आई आंधी व बूंदाबांदी से दर्जनों पेड़ और डाल टिनशेड, छप्पर, तार व पोल पर गिर गए। तार व पोल टूटने से सात उपकेंद्र और करीब 28 फीडर बंद हो गए।
रिहायशी छप्पर पर पेड़ गिर गया, गनीमत रही कि उसके नीचे रात में सोया पूरा परिवार बाल-बाल बच गया। उपकेंद्र व फीडर बंद होने से जिले की करीब तीन लाख से अधिक की आबादी की बिजली गुल हो गई। दोपहर बाद तक उपकेंद्रों व फीडरों को चालू कर आपूर्ति बहाल कर दी गई लेकिन पोल लगाने का कार्य जारी रहा। इस वजह से हजारों लोगों की बिजली बाधित चल रही है।
जिले में तड़के आई आंधी व साथ में हुई बूंदाबांदी से दर्जनों पेड़, पोल टूटकर गिर गए। कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के बेलामोहन गांव निवासी केवला देवी के रिहायशी छप्पर पर आंधी में शीशम का एक पेड़ टूटकर गिर पड़ा। छप्पर के नीचे सोया पूरा परिवार बाल-बाल बच गया। परिजनों ने इसकी सूचना लेखपाल को दी है।
इसके साथ ही लंभुआ, केएनआई व शहर में पेड़ की डाल गिरने से शहर के डाकखाना, केएनआई, लंभुआ व बिरसिंहपुर व फरीदीपुर उपकेंद्र बंद रहा। आंधी से दियरा व भटमई उपकेंद्र बंद हो गए। करौंदीकलां के कम्मरपुर के पास पोल टूटने से बहाउद्दीनपुर फीडर बंद हो गया। सुबह आंधी बंद होने के बाद हाईटेंशन लाइन को दुरुस्त कर उपकेंद्रों को चालू करवाया गया।
इसके बाद बंद चल रहे करीब 28 फीडरों को दुरुस्त कर चालू करने का काम शुरू हुआ। दोपहर बाद तक ज्यादातर फीडरों को चालू कर करीब तीन लाख आबादी की ठप आपूर्ति को बहाल कर दिया गया लेकिन घरेलू लाइट का तार व पोल दुरुस्त करने का काम शाम तक जारी रहा। इस वजह से हजारों लोगों की आपूर्ति प्रभावित रही।
दियरा उपकेंद्र के तीन फीडर कंपनी के कार्य की वजह से शाम तक बंद रहे। इससे तीनों फीडरों से जुड़ी हजारों की आबादी प्रभावित है। अधीक्षण अभियंता अखिलेश सिंह ने बताया कि उपकेंद्रों व फीडरों को ठीक कराकर आपूर्ति बहाल करवा दी गई है। कुछ जगहों पर टूटे पोल को लगाने का कार्य चल रहा है। बताया कि आंधी में दर्जन भर से अधिक पोल व तार टूटने से कई लाख का नुकसान निगम को हुआ है।