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Sultanpur News: बदला गया ट्रांसफार्मर, 48 घंटे ठप रही लालडिग्गी वार्ड की बिजली आपूर्ति

Sun, 04 May 2025 11:49 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
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सुल्तानपुर। शहर के पाॅश इलाके में शुमार लाल डिग्गी वार्ड की बिजली तीन दिन बाद बहाल हुई। यहां पर ट्रांसफार्मर को बदलने में तीन दिन लग गए। वार्ड में पांच सौ से अधिक घरों के लोग बूंद-बूंद पानी को तरस गए। उपकेंद्र से 200 मीटर की दूरी पर लगे ट्रांसफार्मर को बदलने में विभाग की सक्रियता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
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शुक्रवार को दोपहर दो बजे लालडिग्गी वार्ड में कांग्रेस कार्यालय के पास लगा ट्रांसफार्मर अचानक जल गया। जिससे नयानगर, ऑफीसर्स हॉस्टल, सिरवारा मार्ग, एमजीएस चौराहा, आपूर्ति कार्यालय, वन विभाग आदि कार्यालयों व मुहल्लों की बिजली गुल हो गई। बिजली न आने से घरों में लगी टंकियां खाली हो गईं।
लोगों ने इसकी शिकायत सभासद भैयादीप सिंह से की। बताया कि इसकी शिकायत तुरंत विभाग में की गई। विभाग ने संविदाकर्मियों की हड़ताल बताकर ट्रांसफार्मर बदलने से हाथ खड़े कर लिए। आखिरकार रविवार को दोपहर दो बजे नया ट्रांसफार्मर लगाया गया।
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12 घंटे ठप रहा असरोगा उपकेंद्र
बंधुआकला (सुल्तानपुर)। असरोगा बिजली उपकेंद्र को आने वाली 33000 वोल्ट की लाइन रविवार की सुबह पांच बजे खराब हो गई। जिससे 100 से अधिक गांव के दो लाख लोगों ने गर्मी में बिजली संकट झेला।
इस दौरान ऊंचगांव, अलीगंज, दाउदपुर, खोखीपुर, बुकुनपुर, सहाबागंज, हसनपुर, रवनिया, इस्लामगंज, हरखी दौलतपुर, बंधुआकला, मनियारपुर, शाहपुर, सरकंडेडीह आदि गांव में सुबह से बिजली नहीं आई। ग्रामीणों की ट्यूबेल व सबमर्सिबल न चलने से सिंचाई कार्य प्रभावित हुआ। वहीं गर्मी में पंखे, कूलर, एसी सब ठप पड़े थे। रविवार शाम पांच बजे बिजली आने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।

बिजली आउटसोर्स कर्मचारियों का विरोध जारी
सुल्तानपुर। बिजली आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन रविवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। कर्मचारियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन करने के बाद रविवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट विदुषी सिंह को सौंपा।
जिलाध्यक्ष आनंद अग्रहरि ने मांग रखते हुए लिखा कि कुशल और अकुशल आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन में भेदभाव समाप्त कर 18,000 से 24,000 रुपए वेतन तय किया जाए। अन्य मांगों में कर्मचारियों की छंटनी पर रोक, फेस अटेंडेंस के लिए संसाधन उपलब्ध कराना शामिल रहा। चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो सात मई को कलेक्ट्रेट पर फिर से प्रदर्शन किया जाएगा।
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