शासकीय अधिकारियों, कर्मचारियों और राजनेताओं के पाल्यों को सरकारी विद्यालयों में पढ़ाए जाने के संबंध में हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सुर्खियों में आए प्रशिक्षु शिक्षक शिवकुमार पाठक पर एक बार फिर कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
गुरुवार को 72 हजार 825 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में चतुर्थ बैच के 22 में से 21 प्रशिक्षु शिक्षकों को मौलिक नियुक्ति दे दी गई लेकिन शिवकुमार का नियुक्ति पत्र रोक लिया गया है। गौरतलब है कि शिवकुमार ने ही लंबे समय तक अदालतों में शिक्षा मित्रों के हक की लड़ाई लड़ी है।
गौरतलब है कि इलाहाबाद स्थित बेसिक शिक्षा परिषद कार्यालय पर तीन मई को आयोजित धरने में बिना अवकाश लिए शामिल होने को लेकर शिवकुमार पाठक पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
बेसिक शिक्षा परिषद के संयुक्त सचिव अशोक गुप्ता ने बीएसए को निर्देशित करते हुए प्रशिक्षु शिक्षक शिवकुमार पाठक की उस तिथि में विद्यालय में उपस्थिति की सूचना की जांच कराने को कहा था। साथ ही रिपोर्ट संलग्न करते हुए डायट प्राचार्य को कार्रवाई के लिए पत्र भेजने को कहा था।
परिषद के निर्देश पर बीएसए ने उपस्थिति की जांच रिपोर्ट के साथ डायट प्राचार्य को कार्रवाई के लिए लिखा है। इस मामले में अभी तक डायट प्राचार्य की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
इसी दौरान शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के चतुर्थ बैच के मौलिक नियुक्ति के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया कराई गई, जिसमें प्रशिक्षु शिक्षक शिवकुमार समेत 22 प्रशिक्षुओं ने हिस्सा लिया। गुरुवार को बीएसए ने 22 में से 21 प्रशिक्षु शिक्षकों को मौलिक नियुक्ति देते हुए विद्यालयों में कार्यभार ग्रहण करने का निर्देश दिया।