सुल्तानपुर। विवाद पर हुई गैर इरादतन हत्या के मामले में एडीजे तृतीय राकेश पांडेय की अदालत ने मंगलवार को अपना फैसला सुनाया। अदालत ने मामले में दोषी दो सगे भाइयों को तीन-तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा व 44 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है। अदालत ने इसी मामले से जुड़े क्राॅस मुकदमे में दोषी भाई-बहन को एक साल की सजा व चार हजार रुपए अर्थदंड लगाया है।
अमेठी कोतवाली के बियासिया गांव निवासी आरोपी श्रीनाथ कोरी, उनके पुत्र पप्पू कोरी व कल्लू कोरी के खिलाफ 26 नवंबर 2003 की घटना बताते हुए शांति देवी ने साइकिल हटाने के विवाद को लेकर लाठी-डंडो से हमला करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था। घायल शांति देवी की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इस मामले में तीनों आरोपियो के खिलाफ सेशन कोर्ट में ट्रायल शुरू हुआ। ट्रायल के दौरान आरोपी श्रीनाथ कोरी की मौत हो चुकी है। मामले के आरोपी पप्पू कोरी व कल्लू कोरी के खिलाफ ट्रायल पूरा हुआ। जिसके बाद सजा सुनाई गई।
वहीं, कल्लू कोरी पक्ष की ओर से उसी दिन की घटना बताकर आरोपी राधेश्याम, हरजीत व गुड्डा के खिलाफ भैंस बांधने को लेकर मारपीट करने व अन्य आरोपों में स्थानीय कोतवाली में ही क्राॅस मुकदमा दर्ज कराया गया था। आरोपी हरजीत व उनकी बहन गुड्डा देवी के खिलाफ ट्रायल पूरा हुआ। अदालत ने भाई-बहन को दोषी करार देते हुए एक साल कारावास की सजा व अर्थदंड लगाया है।