सुल्तानपुर। हत्या के मामले में 12 साल बाद सोमवार को एडीजे एकता वर्मा ने तीन हत्यारों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने दोषियों पर 1.5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। मामला धम्मौर थाने के हीरापुर गांव का है।
एडीजीसी क्रिमिनल संजय सिंह के मुताबिक हीरापुर गांव के केदार नाथ गुप्ता के भाई सियाराम का पुत्र अंकित तीन नवंबर 2011 को कोचिंग से घर लौट रहा था। गांव के पास पहुंचने पर गांव के ही अमित कुमार तिवारी, देवेंद्र नाथ ओझा व शिव बहादुर तिवारी ने पूर्व में हुई मारपीट को लेकर अंकित को मारना शुरू कर दिया था। उसे छुड़ाने के लिए पहुंचे केदार नाथ के पुत्र अमृत लाल व सियाराम को आरोपियों ने फावड़ा, कुदाल, लाठी व डंडे से मारकर घायल कर दिया था।
गंभीर हालत में अमृत लाल को जिला अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई थी। पुलिस ने केदार नाथ की तहरीर पर आरोपियों अमित कुमार तिवारी, देवेंद्र नाथ ओझा व शिव बहादुर तिवारी के खिलाफ हत्या व जानलेवा हमला करने का मुकदमा दर्ज किया गया था। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सात व बचाव पक्ष की ओर से पांच गवाह कोर्ट में पेश किए गए।
सोमवार को एडीजे एकता वर्मा ने आरोपियों अमित कुमार तिवारी, देवेंद्र नाथ ओझा व शिव बहादुर तिवारी को सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया है। कोर्ट ने जुर्माने की 80 फीसदी रकम मृतक अमृत लाल की पत्नी व बच्चों को और 10 फीसदी रकम घायल सियाराम को देने का आदेश दिया है।