सुल्तानपुर में मंगलवार से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू हो गया लेकिन सत्यापन कार्य पूरा नहीं होने से करीब 50 हजार गरीब परिवारों को पहले ही माह अधिनियम के तहत राशन नहीं मिल सकेगा। विभाग अब तक मात्र 3.50 लाख गरीब परिवारों का चयन कर 88 फीसदी लक्ष्य ही पूरा कर सका है। खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू होते ही अब तीन लाख से अधिक एपीएल परिवारों का राशन भी बंद हो गया है।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम मंगलवार से जिले में लागू हो गया। अधिनियम लागू होते ही पहले ही माह में इसकी मार गरीबों पर पड़ी है। करीब एक वर्ष से अधिनियम में पात्रों को शामिल करने के लिए चल रही प्रक्रिया अंतिम समय में भी पूरा नहीं हो सकी। सत्यापन एवं कार्ड जारी करने की औपचारिकता पूरी नहीं होने से आपूर्ति विभाग सिर्फ साढ़े तीन लाख परिवारों को ही अभी तक राशन कार्ड जारी कर सका है। पूर्ति विभाग करीब अभी तक 88 फीसदी आबादी को ही कवर कर सका है। इसमें अंत्योदय व पात्र गृहस्थी दोनों प्रकार के कार्ड धारक शामिल हैं। लक्ष्य का करीब 12 फीसदी सत्यापन का कार्य पूरा नहीं होने से करीब 50 हजार परिवार पहले माह राशन से वंचित हो गए। अधिनियम में शामिल नहीं होने की वजह से इन्हें मार्च में सरकारी राशन नहीं मिल सकेगा। सूत्रों की मानें तो सत्यापन का कार्य पूरा नहीं होने से आपूर्ति विभाग राशन के आवंटन के लिए लाभार्थियों की पूरी संख्या शासन को नहीं भेज सका था। पूर्ति विभाग के आंकड़ों की ही मानें तो मौजूदा समय में सत्यापित संख्या 3.80 लाख हो गई है। इसके अलावा अभी कुछ सत्यापन का कार्य चल रहा है।
80 फीसदी आबादी को शामिल करने का लक्ष्य
शासनादेश के मुताबिक मंगलवार से प्रभावी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत ग्रामीण क्षेत्र की 79.56 व टाउन एरिया की 64 फीसदी आबादी को शामिल किया जाना है। इन्हें अंधिनियम के तहत कार्ड जारी करके राशन दिया जाना है। विभाग की सुस्त गति की वजह से जिले में पिछले माह तक सिर्फ साढ़े तीन लाख परिवारों का सत्यापन हो सका था।
इनसेट
17,20,703 क्विंटल का मिला आवंटन
फरवरी माह में सिर्फ साढ़े तीन लाख परिवारों का सत्यापन होने की वजह से शासन ने इसी के सापेक्ष राशन का आवंटन भी किया है। आपूर्ति विभाग की मानें तो मार्च के लिए अधिनियम के तहत जिले को 17,20,703 क्विंटल राशन आवंटित हुआ है। शेष परिवारों के सत्यापन का कार्य चल रहा है।
3.15 लाख का बंद हुआ राशन
राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम लागू होने से मार्च माह से एपीएल कार्ड धारकों को राशन मिलना बंद हो गया है। आपूर्ति विभाग के आंकड़ों की मानें तो करीब तीन लाख 15 हजार एपीएल कार्ड धारक जिले में थे। अधिनियम में एपीएल की व्यवस्था खत्म होने से इन्हें अब राशन नहीं मिलेगा। हालांकि गरीबी की श्रेणी में आने वाले परिवार यदि अधिनियम के तहत आवेदन करते हैं तो सत्यापन के बाद पात्र मिलने पर उन्हें पात्र गृहस्थी योजना में शामिल किया जा सकता है।