भदैंया (सुल्तानपुर)। अमेठी जिले के लखनऊ-वाराणसी राजमार्ग पर भाले सुल्तान थाने के एक ढाबा के पास हुए हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत से भदैैंया क्षेत्र के सातनपुर हरजूपट्टी गांव में मातम छा गया। एक ही परिवार के तीन लोगों की अर्थियां जब घर से उठीं तो पूरा गांव रो पड़ा।
कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के सातनपुर हरजूपट्टी गांव निवासी हृदयराम की पत्नी राजमती देवी (60) का इलाज लखनऊ में चल रहा था। बताया जा रहा है कि चार दिन पहले उनका वहां ऑपरेशन हुआ था। इसके बाद सोमवार को घर के लोग उनको लाने के लिए लखनऊ गए थे। सोमवार की देर शाम डिस्चार्ज होने के बाद राजमती को लेकर परिवार के लोग कार से घर आने के लिए निकले थे। रात में लखनऊ-वाराणसी फोरलेन पर भाले सुल्तान थाने के कादूनाला के पास कार कोहरे की वजह से एक जंगली सूअर से टकराने के बाद पलट गई। हादसे में राजमती, देवरानी समरथी (55) और राजमती के मझले बेटे सोनू पाल (26) की मौत हो गई। जबकि कार पर सवार राजमती का बड़ा पुत्र रामजीत (32), सुरेमन (35), सेमरीपुरूषोत्तमपुर निवासी सरोज देवी (38), पटना कूरेभार निवासी बृजनाथ (34) समेत एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को मेडिकल कॉलेज से लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है।
तीनों के मौत की जानकारी मंगलवार सुबह जब हृदयराम के घर पर पहुंची तो परिवार में कोहराम मच गया। सातनपुर गांव में हृदयराम के घर से जब एक साथ तीन अर्थियां निकलीं तो हर आंख नम दिखी। देवरानी, जेठानी और बेटे का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। देवरानी समरथी और जेठानी राजमती में बहुत ही लगाव था। घर वाले बताते है कि राजमती देवी लखनऊ इलाज कराने जा रही थीं तो वह अपनी बहू को न ले जाकर साथ में देवरानी समरथी को ले गई थीं।
एक दिन पहले समरथी की बहन का हुआ था निधन
समरथी की बड़ी बहन रामरती कुछमुछ इस्लामगंज में रहती थीं। रविवार रात रामरती की बीमारी से मौत हो गई थी। समरथी अपनी जेठानी के साथ लखनऊ में होने की वजह से बड़ी बहन का अंतिम दर्शन करने नहीं पहुंच सकी थीं। एक दिन बाद ही समरथी की भी मौत हो गई।