सुल्तानपुर। गोली मारकर हत्या किए जाने के 23 साल पुराने मामले में तीन दिन पूर्व दोषी ठहराए गए तीन सगे भाइयों की सजा के बिंदु पर कोर्ट ने मंगलवार को अपना फैसला सुनाया। स्पेशल जज एससी-एसटी एक्ट राकेश पांडेय की अदालत ने दोषी सगे भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और कुल 42 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है।
अमेठी जिले के जगदीशपुर थाने के मड़वा निवासी गोपीचंद्र पासी ने छह अक्तूबर 2002 की शाम करीब सात बजे हुई घटना का जिक्र करते हुए स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। वादी गोपीचंद्र ने गांव निवासी आरोपी अवधेश बहादुर सिंह व उनके पुत्र शेष प्रताप सिंह, बृजेश प्रताप सिंह, अशोक प्रताप सिंह व शिवफूल सिंह के खिलाफ अपने भाई हरि प्रसाद की गोली मारकर हत्या करने का आरोप लगाया था। वादी के मुताबिक उनके भाई हरिप्रसाद के खेत में आरोपी अवधेश बहादुर सिंह की गाय ने काफी नुकसान कर दिया था।
हरिप्रसाद आरोपियों के पास शिकायत करने गए थे। आरोपियों ने मिलकर उनकी हत्या कर दी थी। प्रकरण में सभी आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश हुई और ट्रायल शुरू हुआ। आरोपी अवधेश बहादुर सिंह व उनके पुत्र अशोक प्रताप सिंह की मृत्यु हो चुकी है। शेष तीनों आरोपियों के खिलाफ स्पेशल कोर्ट में सुनवाई पूरी हुई। अदालत ने तीनों सगे भाइयों को गत शनिवार को दोषी करार दिया था। उनकी सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए अदालत ने उन्हें जेल भेजने का आदेश दिया।