कोतवाली नगर में खड़े आरोपी। स्रोत-पुलिस
सुल्तानपुर। जिले में गत दिनों अलग-अलग स्थानों पर एटीएम बूथों पर लोगों के डेबिट कार्ड बदलकर ठगी करने के तीन आरोपियों को कोतवाली पुलिस ने बृहस्पतिवार भोर 5:30 बजे सौरमऊ फ्लाईओवर के नीचे से गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान प्रतापगढ़ जिले के खम्मपुर, दिलीपपुर निवासी मो. आकिब, मोहम्मद फरहान व कन्हई पांडरीजबर निवासी मोहम्मद सारिफ के रूप में हुई। पुलिस को उनके पास से नौ डेबिट कार्ड, एक चोरी की बाइक व 24,400 रुपये मिले हैं।
कोतवाली नगर के प्रभारी निरीक्षक संदीप कुमार राय ने बताया कि तीनों आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन लोगों ने कटका खानपुर में स्थित एटीएम बूथ से गत 22 फरवरी को अपने साथियों के साथ ठगी की थी। सात अप्रैल को शहर के दरियापुर स्थित एटीएम बूथ से ठगी की वारदात को अंजाम देने की बात बताई है। इसके साथ ही कई अन्य स्थानों पर एटीएम बूथों पर ठगी की वारदात को अंजाम देने की बात आरोपियों ने स्वीकार की है। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की गई है।
ऐसे वारदात को अंजाम देते हैं गिरोह के सदस्य
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वह लोग एटीएम कार्ड बदल देते हैं। दो लोग एटीएम में जाते हैं। एक व्यक्ति उपभोक्ता का कोड देख लेता है। वह दूसरे को कोड बता देता है। उनकी नौ लोगों की टीम है, जिसमें दो लोग एटीएम बदलने का काम करते हैं। बाकी दो तीन लोग रोड पर खड़े होकर रेकी करते हैं। दो से तीन लोग बदले गए कार्ड से ऑनलाइन का पैसा निकालने व खरीदारी का काम करते है। एटीएम बूथ पर प्लास के माध्यम से एटीएम में डालने वाले एटीएम कार्ड के रास्ते को ब्लाॅक करते हैं। जिससे कोई व्यक्ति कार्ड डाले तो वह अंदर नहीं जाएगी। इसके बाद गिरोह से जुड़े लोग मोबाइल के व्हाट्सएप से आपस में कनेक्ट होकर एक दूसरे को व्हाट्सएप से डाट का मेसेज भेजते हैं। जिससे आसपास कोई पुलिस नहीं होने की पुष्टि की जाती है। आरोपियों ने बाइक के विषय में पुलिस को बताया कि उसे दिल्ली से काफी दिनों पहले चोरी किया गया था।
छह आरोपियों के नाम के नाम खुलासा
तीनों आरोपियों ने अपने साथी सफीक निवासी महुली माधवगंज, कोतवाली नगर प्रतापगढ़, अरमान निवासी लिलहा, रानीगंज, प्रतापगढ़, सैय्यद शहजाद और अरबाज निवासीगण तिलौरी सगरा सुंदरपुर, लीलापुर प्रतापगढ़, तौसीफ मेजर व गुफरान छंगू निवासीगण खमपुर, दिलीपपुर प्रतापगढ़ का नाम पुलिस को बताया है। आरोपियों ने यह भी बताया कि वह सभी सुल्तानपुर, अमेठी, प्रतापगढ़ व आसपास के सीमावर्ती जिलों में यह काम करते हैं।