सुल्तानपुर। ऑनलाइन पोर्टल से किराये पर कमरा लेकर मकान मालिक शिक्षक दंपती को ट्रेडिंग का झांसा देकर 19 लाख रुपये की ठगी करने के तीन आरोपियों को साइबर पुलिस ने बिहार से गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपियों में दो बिहार व एक यूपी के चंदौली जिले का रहने वाला है। इनके पास से एक बाइक, नौ मोबाइल, टैबलेट ,लैपटॉप, 2950 रुपये, चार एटीएम कार्ड मिले हैं।
अपर पुलिस अधीक्षक अखंड प्रताप सिंह ने बुधवार को वारदात का खुलासा करते हुए बताया कि शहर के तुराबखानी निवासी शिक्षक शैलेंद्र सिंह ने 29 सितंबर को साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शैलेंद्र के मुताबिक, उन्होंने ऑनलाइन पोर्टल पर अपना कमरा किराये पर देने का ब्योरा पोस्ट किया था। आरोप है कि दो सितंबर को अजय सिंह यादव निवासी वीरभानपुर गोई, जिला भभुआ, बिहार ने उनका मकान किराये पर लिया। अजय ने शेयर मार्केट में ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर शैलेंद्र की पत्नी मंशा सिंह से करीब 13.50 लाख रुपये ऑनलाइन ले लिए।
आरोपी ने शैलेंद्र के मोबाइल के सिम का इस्तेमाल कर बिना जानकारी दिए उनके नाम से 5.50 लाख रुपये का लोन ले लिया। आरोपी ने उनके साथ लगभग 19 लाख रुपये की ठगी की। इसके बाद आरोपी भाग निकला। शिकायत की जांच साइबर इंस्पेक्टर आलोक कुमार सिंह कर रहे थे। मंगलवार रात पुलिस ने बिहार के पटना के सोनारी फतुआ के पास से एक किराये के कमरे से आरोपी अजय सिंह यादव व उसके साथी रंजन यादव निवासी मसौनी, जिला चंदौली, उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार किया। वहीं आरोपी के सहयोगी तेज प्रताप यादव को पुलिस ने बुधवार तड़के भभुआ स्टेशन रोड के पास से गिरफ्तार किया।