सुल्तानपुर। जिला अस्पताल में दवाओं का संकट बरकरार है। शनिवार को भी मरीजों को सामान्य दवाओं के लिए बाहरी मेडिकल स्टोर जाना पड़ा। वहीं अमर उजाला में शनिवार को प्रकाशित बुखार, सिरदर्द व पेट दर्द तक की दवाएं समाप्त होने की खबर को मेडिकल कॉलेज के प्रिसिंपल डॉ. सलिल श्रीवास्तव ने गंभीरता से लेते हुए दवाओं की लोकल परचेज के लिए आदेश दिया है।
शनिवार को जिला अस्पताल पहुंचे दिखौली निवासी बुजुर्ग राधेश्याम वर्मा को बीपी की समस्या थी। चिकित्सक ने उनकी जांच कर बीपी की दवा लिखी लेकिन वहां समाप्त होने के कारण उन्हें बाहर से दवा खरीदनी पड़ी। पता करने पर मालूम हुआ कि जिला अस्पताल में बीपी की दवा खत्म है।
शहर के लक्ष्मणपुर की रहने वाली मंजू देवी पेट की समस्या से पीड़ित थीं। जांच के बाद चिकित्सक ने उन्हें डोमपेरिडोन दवा लिखी। मंजू को यह दवा नहीं मिल सकी। यहां तक कि ईयर ड्राॅप भी खत्म है। कान के मरीजों को बाहर से दवाएं लेनी पड़ीं।
जिला अस्पताल में दवा की कमी को पूरा करने के लिए मेडिकल कॉलेज के प्रिसिंपल ने आदेश कर दिया है। जो दवाएं समाप्त हैं, उन्हें खरीदा जा रहा है।
- डॉ. एसके गोयल, सीएमएस