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सनातन धर्म में नहीं है ऊंच-नीच की व्यवस्था : आचार्य शांतनु महाराज

Sat, 20 Sep 2025 11:44 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
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. आचार्य शांतनु महाराज के साथ सम्मानित प्रबुद्धजन।
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सुल्तानपुर। सनातन धर्म में ऊंच-नीच की कोई व्यवस्था नहीं है। वाल्मीकि रामायण में कहा गया है कि राजा दशरथ के समय अयोध्या में सभी जातियों के लोग वेदपाठ करते थे। भ्रम, अज्ञान और साजिश के तहत सनातन परंपराओं को दूषित करने का जो काम किया गया है, उसे हमें सही करना पड़ेगा।
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ये बातें प्रख्यात कथावाचक आचार्य शांतनु महाराज ने कहीं। वे शनिवार को शहर से सटे अमहट स्थित एक होटल में आयोजित सामाजिक समरसता में गोरक्षपीठ की भूमिका विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि हिंदू समाज की आभासी व्यवस्था को कालांतर में यथार्थ समझ लिया गया, जिसके कारण समाज में कुरीतियां फैलनी शुरू हुईं। विशिष्ट अतिथि बावन मंदिर अयोध्या के महंत वैदेही वल्लभ शरण ने कहा कि वनवासियों, गिरिवासियों को अपने साथ लेकर शबरी के जूठे बेर खाकर और निषादराज को गले लगाकर समरसता का जो काम भगवान राम ने किया था, उसी परंपरा को गोरक्षपीठ आगे बढ़ा रही है। विशिष्ट अतिथि पूर्व सांसद विद्यासागर सोनकर ने कहा कि गोरक्षपीठ के महंत दिग्विजयनाथ और महंत अवेद्यनाथ ने सामाजिक समरसता मजबूत करने के लिए देशभर में अनेक कार्यक्रम संचालित किए थे।
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अवध प्रांत के संपर्क प्रमुख गंगा सिंह ने कहा कि धर्म, संस्कृति और समाज की रक्षा में गोरक्षपीठ का योगदान महत्वपूर्ण है। अध्यक्षता करते हुए आरएसएस के संयुक्त क्षेत्र ग्राम विकास प्रमुख वीरेंद्र ने कहा कि समरसता का निर्माण दिखावे से नहीं होगा। इससे पूर्व कार्यक्रम के संयोजक ब्लासम इंडिया फाउंडेशन के निदेशक शशि प्रकाश सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। अंत में अतिथियों ने साहित्यकार हनुमान प्रसाद सिंह की काव्यकृति भीष्म प्रतिज्ञा का लोकार्पण किया।
इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी, विभाग संघचालक डॉ. एके सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष प्रवीन अग्रवाल, आलोक आर्य, असिस्टेंट प्रोफेसर ज्ञानेंद्र विक्रम सिंह रवि समेत अन्य लोग मौजूद रहे। संचालन श्यामचंद्र श्रीवास्तव ने किया।

इन्हें मिला समरसता सम्मान
सामाजिक कार्यों में अपना विशिष्ट योगदान देने वाले संत देवेंद्र कविराज, करतार केशव यादव, सरदार बलदेव सिंह, रुद्र प्रताप सिंह मदन, डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव, आशुतोष पांडेय, ओमप्रकाश गौड़, राजेश सिंह, शुभम गौतम, तिलठू निषाद, मुनिया देवी, राजाराम, कंचन प्रजापति, सिंटू अग्रहरि, मुकेश कुमार, संतोष राणा, संतोष निषाद, रामकृष्ण साहू, प्रदीप गुप्ता, रामहित धोबी, बाबूलाल धुरिया, अभिषेक सिंह आदि को अतिथियों ने समरसता सम्मान से सम्मानित किया।
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