लोहरामऊ के पास हाईवे स्थित क्षतिग्रस्त रेलवे ओवरब्रिज। संवाद
भदैंया (सुल्तानपुर)। भारी वाहनों के दबाव से टांडा-बांदा नेशनल हाईवे स्थित लोहरामऊ रेलवे ओवरब्रिज के दो गर्डर फिर टूट गए। ब्रिज के पास सड़क भी क्षतिग्रस्त हो गई है। भारी वाहनों का आवागमन जारी रहने से टूटे गर्डर का दायरा बढ़ता जा रहा है। इससे अन्य वाहनों के लिए खतरा बन गया है।
टांडा-बांदा हाईवे पर शहर के पास स्थित लोहरामऊ रेलवे ओवरब्रिज के दो गर्डर आठ माह बाद फिर टूट गए हैं। इससे पुल पर दोनों जगह गड्ढे बन गए हैं। सरिया क्षतिग्रस्त होकर बाहर निकल आई है। सरिया से वाहनों के पंक्चर होने की आशंका बढ़ गई है।
गौरतलब है कि करीब आठ माह पहले ओवरब्रिज के दो गर्डर टूट गए थे। प्रशासन के निर्देश पर एनएचएआई ने रूट डायवर्जन करके सभी गर्डरों को दुरुस्त कराया था। आठ माह के भीतर फिर गर्डरों के टूट जाने व आसपास की सड़क क्षतिग्रस्त हो जाने से ब्रिज निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़ा हो गया है।
दिनरात भारी वाहनों के आवागमन से लगे झटकों से क्षतिग्रस्त हिस्से का दायरा बढ़ता जा रहा है। अधिक लोड वाले वाहनों के आवागमन के दौरान ब्रिज की सड़क टूटने का डर बना हुआ है। भारी वाहनों के गुजरते समय झटकाें से ब्रिज हिल रहा है। फिलहाल ज्यादातर वाहन गर्डर के टूटे हिस्से को बचाते हुए गुजर रहे हैं। बाइक सवार व छोटे वाहनों के गड्ढे में फंसकर पलटने की आशंका बनी है।