बल्दीराय (सुल्तानपुर)। दो दिन पूर्व इब्राहिमपुर में देवी प्रतिमा विसर्जन के दौरान दो समुदायों के बीच हुए बवाल मामले में एक बार फिर लोकल इंटेलिजेंस की नाकामी सामने आई है। लोकल इंटेलिजेंस के फेल होने पर स्टेट इंटेलिजेंस ने सुल्तानपुर पुलिस के उच्चाधिकारियों को सूचना भेजी और पुलिस अधीक्षक सोमेन बर्मा ने मामले की नजाकत को भांपते हुए इसकी कमान खुद संभाली, जिसके चलते बड़ा बवाल टल गया। सूत्रों के अनुसार आवासीय मदरसे में पश्चिम बंगाल, झारखंड व बिहार राज्य तक के लोग तालीम लेते हैं। घटना वाले दिन देवी प्रतिमाओं की विसर्जन शोभायात्रा मदरसे के सामने से ही गुजरनी थी। इसके बाद भी पुलिस मामले की संवेदनशीलता भांप नहीं पाई। न ही लोकल इंटेलिजेंस से किसी तरह के इनपुट मिले, जिससे अतिरिक्त सतर्कता बरती जाती। इसका नतीजा हिंसा, आगजनी और अराजकता के रूप में सामने आया।
उलेमाओं ने कहा, दूसरे पक्ष की भी सुनी जाए
सुल्तानपुर। इब्राहिमपुर में हुए बवाल के मामले में उलेमाओं के प्रतिनिधि मंडल ने बुधवार को डीएम रवीश गुप्ता से मुलाकात की। उलेमाओं ने एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया। कहा कि दूसरे पक्ष का दर्द सुना जाए और उनकी एफआईआर लिखी जाए। मौलाना कसीम ने कहा कि इब्राहिमपुर की घटना निंदनीय है। जब विवाद दोनों तरफ से हुआ है तो मुल्जिम दोनों पक्ष हैं। इस मौके पर कई मौलाना मौजूद रहे।