गांव के पिछड़ेपन से नाराज स्थानीय ब्लॉक के गांव नया का पुरवा मजरे दरखा के ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार करने का निर्णय लेकर आंदोलन शुरू कर दिया है। ग्रामीण गांव के बाहर ‘काम नहीं तो वोट नहीं’ का बैनर लगाकर बैठ गए हैं।
किसी भी प्रत्याशी को गांव में प्रवेश नहीं करने दे रहे हैं। गांव के आसपास किसी भी प्रत्याशी को बैनर पोस्टर तक नहीं लगाने दे रहे हैं। बैनर लगाकर स्थानीय ब्लॉक की ग्राम पंचायत दरखा के गांव नया का पुरवा के ग्रामीणों ने पंचायत चुनाव के बहिष्कार का निर्णय लिया है।
ग्रामीण पंचायत चुनाव लड़ रहे किसी भी प्रत्याशी को न तो गांव के भीतर जाने दे रहे हैं और न ही गांव के आसपास किसी की होर्डिंग्स, बैनर व पोस्टर लगाने दे रहे हैं। ग्रामीणों को कहना है कि लाला का पुरवा से ताला को जाने वाली पक्की सड़क से उनका गांव महज 400 मीटर की दूरी पर है।
बावजूद इसके अब तक गांव में खड़ंजा, सड़क व नाली का निर्माण नहीं हुआ है। 25 वर्ष पहले एक इंडिया मार्का लगा था जो कई वर्षों से मरम्मत के अभाव में बंद पड़ा है। गांव में अब तक किसी भी पात्र को आवास, शौचालय, समाजवादी, वृद्धा व विकलांग पेंशन नहीं मिली है।
गांव में करीब 35 वर्ष पहले खींची गई विद्युत लाइन जर्जर अवस्था में है। टूटे तारों को जोड़कर गांव में आपूर्ति की जा रही है। गांव के किसी भी विद्युत पोल पर स्ट्रीट लाइट तक नहीं लगवाई गई है। गांव के पात्र शासन से संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं से पूरी तरह से वंचित हैं।
फरवरी व मार्च में हुई अतिवृष्टि व ओलावृष्टि से नष्ट फसलों का मुआवजा आज तक नहीं मिला है। गांव का रास्ता इतना खराब है कि किसी के बीमार होने पर उसे सड़क तक चारपाई से लाना होता है। ग्रामीणों का आरोप है कि चुनाव के समय तो सांसद विधायक बड़े-बड़े वादे करते हैं लेकिन जीतने के बाद सब भूल जाते हैं।
गांव के विकास के लिए सांसद, विधायक व जिलाधिकारी से कई बार फरियाद की गई लेकिन सुनने वाला कोई नहीं है। इन्हीं समस्याओं को लेकर ग्रामीणों ने पंचायत चुनाव में हर रोज प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। इनका यह भी कहना है कि गांव का समुचित विकास अब भी नहीं किया तो वे अनशन करेंगे।
ग्रामीणों की ओर से मतदान के बहिष्कार के बाबत डीएम जगतराज त्रिपाठी ने कहा कि चुनाव के दौरान कोई नया कार्य नहीं कराया जा सकता है। एसडीएम को मौके पर भेजकर ग्रामीणों को समझाया जाएगा।
प्रशासनिक स्तर पर जो भी खामियां हैं, उनकी जांच कराकर चुनाव के बाद सभी पात्रों को शौचालय, पेंशन सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा। खामियों के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।