सुल्तानपुर। गोसेवा आयोग उपाध्यक्ष महेश कुमार शुक्ल ने विकास भवन में मीडिया से बातचीत करते हुए दावा किया कि प्रदेश में कहीं भी स्लाटर हाउस नहीं चल रहे हैं। गोवंशों का वध पूर्ण प्रतिबंधित है। ऐसा करते पकड़े जाने वाले लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
गोसाईगंज, कुड़वार, बंधुआकलां के क्षेत्रों से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के रास्ते गो तस्करी व न्यायालय से गो तस्करी प्रकरण के रिमांड वापस होने के मामले का आयोग उपाध्यक्ष ने संज्ञान लिया।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में पुलिस अधीक्षक के साथ बैठक कर जानकारी ली जाएगी और कार्रवाई कराई जाएगी। अरुणाचल प्रदेश में इस संबंध में पार्टी के एक नेता की ओर से दिए गए बयान के मामले में उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की, बल्कि प्रदेश सरकार के कार्यों को सराहा। कहा कि प्रदेश सरकार अपने दूरदर्शी व कुशल नेतृत्व के तहत गोवंशों को संरक्षित कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में 7,700 गोशालाएं संचालित की जा रही हैं, इसमें 16 लाख से अधिक गोवंशों को संरक्षित किया गया है। निराश्रित गोवंशों के भरण-पोषण के लिए 50 रुपये की दर से धनराशि दी जा रही है। सरकार की इस पहल से गोपालकों की आय में वृद्धि हो रही है। रविवार को तीन गोवंश आश्रय स्थलों का निरीक्षण किया और कहा कि गोवंशों को गर्मी से बचाने के निर्देश पशुपालन विभाग को दिए गए हैं। इस दौरान गोसेवा आयोग के सदस्य दीपक गोयल, सीवीओ प्रमोद कुमार शर्मा मौजूद रहे।