19. नयना माता मंदिर में भजन-कीर्तन करतीं महिलाएं। संवाद
सुल्तानपुर। चैत्र नवरात्र के पांचवें दिन सोमवार को मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप स्कंदमाता की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। जिले के प्रमुख मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। माता के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
श्रद्धालुओं ने लाइन में लगकर मां के दर्शन किए और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। अष्टमी नजदीक आने के साथ ही मंदिरों में भक्तों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। सोमवार को महिलाओं और बच्चों की भागीदारी विशेष रूप से अधिक रही। शहर के शाहगंज चौराहा स्थित काली माता मंदिर, रुद्रनगर का नयना माता मंदिर, नयानगर का दुर्गा माता मंदिर, सीताकुंड का देवी मंदिर, कुड़वार नाका और डाकखाना चौराहा स्थित गायत्री मंदिर में दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। नयना माता मंदिर में महिलाओं ने सामूहिक रूप से भजन-कीर्तन किया।
वहीं, शहर से सटे लोहरामऊ के प्राचीन दुर्गा माता मंदिर में भोर चार बजे से ही भक्तों का आगमन शुरू हो गया था। भक्तों ने श्रद्धा के साथ पूजा कर परिवार के कल्याण की कामना की। मंदिर के पुजारी पं. राजेंद्र प्रसाद मिश्र ने बताया कि मां स्कंदमाता कमल के आसन पर विराजमान रहती हैं।उनकी पूजा से अद्भुत शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।