सुल्तानपुर। मौसम के उतार-चढ़ाव ने लोगों की सेहत बिगाड़ दी है। जिससे संक्रमण और बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं। मंगलवार को मेडिकल कॉलेज के पुरुष अस्पताल में इलाज के लिए 2224 मरीजों ने पंजीयन कराया। इसमें बुखार, सर्दी, खांसी और बदन दर्द से पीड़ित मरीज की संख्या अधिक रही। इस दौरान मरीजों की भीड़ बढ़ने से पंजीयन, डॉक्टर को दिखाने और दवा लेने के लिए उन्हें काफी देर तक मशक्कत करनी पड़ी।
फिजिशियन एवं सीएमएस डॉ. एसी गुप्ता के अनुसार, मौसम बदलने पर शरीर को नए तापमान के अनुरूप ढलने में समय लगता है। गर्मी और उमस के बीच अचानक ठंडे वातावरण में जाने से स्वास्थ्य संबंधी परेशानी बढ़ सकती है। वायरल संक्रमण में बुखार के साथ सिरदर्द, बदन दर्द, गले में खराश, खांसी और कमजोरी जैसे लक्षण सामने आ सकते हैं। अधिकांश मरीज कुछ दिनों में ठीक हो जाते हैं, लेकिन तेज बुखार या सांस लेने में परेशानी होने पर जांच जरूरी है।
एक हफ्ते से बुखार, ठीक नहीं हो रही खांसी
अहिमाने के विनोद कुमार ने बताया कि वह एक हफ्ते से बुखार से परेशान हैं। दवा ले रहे हैं,अब बुखार से तो आराम हो रहा है,लेकिन खांसी से परेशान हैं। मुडुवा निवासी जाहिदा ने बताया कि उन्हें तीन दिन से खांसी आ रही है, आराम नहीं हो रहा है, दवा चिकित्सक ने दी है।
मौसम बदला तो ये सावधानियां जरूरी
पर्याप्त मात्रा में साफ पानी और तरल पदार्थ लेते रहें।
बाहर से आने के बाद हाथ साबुन से अच्छी तरह धोएं।
ताजा और साफ भोजन ही करें, खुले खाद्य पदार्थों से बचें।
गर्मी से सीधे ठंडे वातावरण में जाने से बचें।
बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द या खांसी होने पर आराम करें।
तेज बुखार या सांस लेने में परेशानी हो तो तत्काल डॉक्टर को दिखाएं।
बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा लेने से बचें।