सुल्तानपुर। सड़कों को गड्ढामुक्त कराने का दावा जिले में खोखला साबित हुआ है। ग्रामीण क्षेत्र में चौतरफा सड़कें खस्ताहाल हैं। वर्षों पूर्व बनी सड़कों की मरम्मत नहीं कराई गई है। आवागमन से परेशान लोग मांग करते थक गए, लेकिन विभाग ध्यान नहीं दे रहा है। इसकी वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन मुश्किल हो गया है।
दोस्तपुर में कादीपुर-दोस्तपुर मार्ग पर नारा पुलिया से ब्लाॅक चौराहे तक करीब तीन किलोमीटर लंबी सड़क जगह-जगह गड्ढाें में तब्दील हो गई है। लोगों के मुताबिक करीब पांच वर्ष पहले सड़क को चौड़ा किया जा रहा था, लेकिन पीडब्ल्यूडी की कार्यदायी संस्था बीच में कार्य अधूरा छोड़कर भाग गई।
तब से सड़क पर धूल उड़ रही है। इसी तरह दूल्हापुर से नचनिया बाबा तक करीब दो किमी लंबी सड़क पर आवागमन मुश्किल हो गया है। नारामधयीपुर से अहिरौटी की सड़क 20 वर्ष पहले पक्की हुई थी। इसके बाद दोबारा नहीं बनने से गिट्टियां उखड़ कर बाहर आ गई हैं।
खुनशेषपुर-रिखपुर संपर्क मार्ग 15 वर्ष से जर्जर
लंभुआ। खुनशेषपुर से रिखपुर संपर्क मार्ग लगभग 15 वर्षों से बदहाल है। कई गांव को यह सड़क तहसील मुख्यालय से जोड़ती है। स्कूली बच्चों समेत हजारों राहगीरों का इस पर आवागमन रोज रहता है। गोपीनाथपुर, नूरमपट्टी, रिखपुर, बरुआ उत्तरी, मुरारचक, बड़ागांव, ताजनपुर, धनहुआ आदि गांव के लोग रोज परेशान हो रहे हैं, लेकिन सड़क गड्ढामुक्त नहीं कराई गई। इसी तरह क्षेत्र की कई सड़कें खस्ताहाल हैं।
रसूलपुर-लौहर दक्षिण मार्ग गड्ढों में तब्दील
धम्मौर। विकासखंड दूबेपुर में रसूलपुर- लौहर दक्षिण संपर्क मार्ग करीब दो साल से खराब है। करीब एक किमी लंबी सड़क को बनाने के बाद लोक निर्माण विभाग ने उसे छोड़ दिया। इसी तरह चार किमी लंबे महेशरगंज-भांई संपर्क मार्ग खस्ताहाल हो गया है। सड़क का बोल्डर बाहर आ गया है। इसकी वजह से बाइक आते-जाते समय स्लिप कर रही है। इसके बाद भी नहर की पटरी से निकलने वाले संपर्क मार्ग को दोबारा नहीं बनाया गया।
इसरौली-कामापुर मार्ग का बोल्डर उखड़ा
कुड़वार। इसरौली से कामापुर करीब ढाई किमी संपर्क मार्ग करीब 10 वर्ष पहले बना था। दोबारा मरम्मत व पिच नहीं कराए जाने से मार्ग के बोल्डर उखड़ गए हैं। इसकी वजह से आवागमन मुश्किल हो गया है। इसी तरह कुड़वार अलीगंज के बीच कई मार्ग खस्ताहाल हो गए हैं। हजारों लोगों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है, लेकिन सड़क को दुरुस्त नहीं किया जा रहा है।