सुल्तानपुर। जिले में पांच दिन से रुक-रुककर हो रही रिमझिम बारिश ने किसानों को बर्बादी के मुहाने पर खड़ा कर दिया है। धान की फसल खेतों में गिरने से किसान मायूस हैं। धान के अलावा सब्जी और आलू की फसल को भी काफी नुकसान हुआ है। जिले में 19.8 मिमी बारिश दर्ज की गई।
जिले में सोमवार से मौसम खराब चल रहा है। शुक्रवार को लगातार पांचवें दिन भी धूप नहीं निकली। दिन भर रुक-रुककर रिमझिम बारिश का दौर चलता रहा। किसानों की उम्मीदों को बारिश ने झटका दिया है। कुछ खेतों में धान की कटी फसल पानी में भीगने से सड़ने लगी है तो कहीं-कही धान की पकी फसलें खेतों में गिरी पड़ी है। नेवढ़िया गांव के दयाराम प्रजापति ने बताया कि कर्ज लेकर धान की फसल तैयार की थी।
खाद के लिए घंटों भूखे-प्यासे केंद्रों पर खड़े रहे। निजी नलकूपों से महंगी सिंचाई की। परिवार पालने का संकट खड़ा दिख रहा है। रईस खान ने बताया कि पांच दिनों की बारिश में फसल चौपट हो गई।
आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के मौसम पर्यवेक्षक डॉ. अमरनाथ मिश्र ने बताया कि शुक्रवार को अधिकतम तापमान 23.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 6.8 डिग्री कम रहा। न्यूनतम तापमान 19.5 डिग्री सेल्सियस रहा। इसमें 2.3 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। उत्तरी-पूर्वी हवा की गति 7.4 किमी./घंटा रही। वर्षा 19.8 मिमी दर्ज की गई।
कीचड़ से सनीं सड़कों पर चलना हुआ मुश्किल
सुल्तानपुर। बारिश से शहर व ग्रामीण अंचल की सड़कें कीचड़ से सन गई हैं। शहर के बस स्टेशन, सब्जी मंडी, चौक, कुड़वार नाका, पंचरास्ता के पास सड़क पर कीचड़ की वजह से सबसे ज्यादा परेशानी पैदल चलने वालों को हुई। दोस्तपुर नगर पंचायत के बभनैया पश्चिम, छावनी और फिरोजपुर की सड़क पर लोगों को आवाजाही में दुश्वारियां झेलनी पड़ीं। दोस्तपुर के बभनैया पश्चिम निवासी विमला देवी, फिरोजपुर कला के सुरेश कुमार और राजेश ने बताया कि बारिश ने सड़क की सूरत बिगाड़ दी है, आने-जाने में दिक्कत हो रही है।
किसानों ने बयां किया दर्द
आलू के काश्तकार शाकिर ने बताया कि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो बोआई में विलंब होगा। देर से बोई गई फसल की पैदावार और गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। पारसनाथ यादव ने बताया कि दो बीघा आलू का खेत जोताई करके तैयार कर लिया था। आलू के बीज की कटाई भी कर ली है। बारिश ने मेहनत पर पानी फेर दिया। राजेश वर्मा ने बताया कि तीन बीघे मटर की बोआई कर दिए हैं। बारिश से अब अंकुरण में दिक्कत दिखाई दे रही है। मनीलाल तिवारी ने कहा कि इस बारिश से धान की फसल खराब हो गई है। धान का पुआल भी जानवरों के खाने योग्य नहीं रहेगा।