गौरीगंज में प्रथम चरण के मतदान के दौरान जिन पांच बूथों पर दोबारा मतदान कराने का निर्णय लिया गया था वहां के पीठासीन अधिकारियों को निलंबित किया जाएगा। डीएम की ओर से संबंधित विभागाध्यक्षों को जारी इस आदेश के बाद पोलिंग पार्टी में शामिल अन्य कर्मचारियों में हड़कंप मचा है। डीएम ने इसी मामले में पांच सेक्टर मजिस्ट्रेट, एक आरओ व एक एआरओ से तीन दिन के अंदर जवाब मांगा है।
मुसाफिरखाना तहसील क्षेत्र में शुक्रवार को हुए प्रथम चरण के मतदान के दौरान बीडीसी व डीडीसी के दो वार्डों की वोटिंग वाले पांच बूथों पर अभिलेखीय गड़बड़ी के चलते जिला प्रशासन को चुनाव निरस्त करने के लिए आयोग से सिफारिश करनी पड़ी थी।
सिफारिश पर जगदीशपुर ब्लॉक के बूथ संख्या-10 इमलीगांव में बीडीसी, बाजार शुकुल के बूथ संख्या-128 बूबूपुर, बूथ संख्या-177 तेंदुआ में बीडीसी, बूथ संख्या-78 इक्काजातपुर में डीडीसी व बीडीसी तथा मुसाफिरखाना ब्लॉक के बूथ संख्या-112 जमुवारी में सिर्फ डीडीसी का मतदान निरस्त हुआ था। इन बूथों पर दो वार्डों के बैलेट पेपर वितरित करने के बजाय लापरवाही की वजह से एक ही वार्ड के बैलेट पेपर दिए गए थे।
डीएम जगतराज त्रिपाठी ने इमलीगांव पीठासीन अधिकारी रामकृष्ण ओझा, बूबूपुर राधेश्याम वर्मा, तेंदुआ रामकुमार तिवारी, इक्काजातपुर अमर बहादुर सिंह और जमुआरी सत्यदेव यादव को निलंबित करने का आदेश जारी कर उन्हें अवगत भी कराने का निर्देश दिया। डीएम ने इमलीगांव सेक्टर मजिस्ट्रेट हरीश वर्मा, बूबूपुर सेक्टर मजिस्ट्रेट शिवेंद्र, तेंदुआ सेक्टर मजिस्ट्रेट सुनील तिवारी, इक्काजातपुर सेक्टर मजिस्ट्रेट डॉ. नीरज बाजपेई, जमुवारी सेक्टर मजिस्ट्रेट एसपी सिंह, जमुआरी आरओ पीसी सिंह और एआरओ विजय कुमार से तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण देने को कहा है।