सुल्तानपुर। स्पेशल जज पाॅक्सो एक्ट नीरज श्रीवास्तव की अदालत ने बुधवार को किशोरी के अपहरण व दुष्कर्म समेत अन्य आरोपों से जुड़े मामले में एक दिन पहले अपहरण के अपराध में दोषी ठहराए गए दीपक केसरवानी की सजा पर अपना फैसला सुनाया। अदालत ने दोषी को सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 10 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है।
अमेठी जिले के मुसाफिरखाना कोतवाली के एक गांव निवासी पीड़िता किशोरी की मां ने 29 सितंबर 2018 को स्थानीय कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। वादिनी ने स्थानीय कोतवाली के एक गांव निवासी दीपक केसरवानी के खिलाफ अपनी नाबालिग बेटी को बहलाकर उसके अपहरण व दुष्कर्म करने व अन्य आरोपों में प्राथमिकी दर्ज कराया था। इस मामले का विचारण स्पेशल जज पाॅक्सो एक्ट की अदालत में चला।
अभियोजन पक्ष की लचर पैरवी की वजह से आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और पाॅक्सो एक्ट सहित अन्य अपराध साबित नहीं हो सके। अदालत ने मंगलवार को आरोपी दीपक केसरवानी को मात्र अपहरण का दोषी माना व साक्ष्य के अभाव में शेष आरोपों में उसे दोषमुक्त कर दिया। इस मामले में दोषी की सजा पर सुनवाई के लिए बुधवार का दिन तय किया गया था। अदालत ने दोषी को सजा सुनाते हुए उसे जेल भेजने का आदेश दिया।