बाल रोग विभाग में ओपीडी के सामने लगी भीड़।
सुल्तानपुर। सर्दी बढ़ने के साथ बच्चे जुकाम, बुखार और एलर्जी की चपेट में आने लगे हैं। मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल में संचालित बाल रोग विभाग की ओपीडी में रोजाना करीब 170-200 मरीज आ रही हैं। शुक्रवार दोपहर डेढ़ बजे तक 170 बीमार बच्चे आए, जिसमें ज्यादातर जुकाम-बुखार व सर्दी से परेशान रहे।
मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. श्याम करन ने बताया कि ठंड व प्रदूषण बच्चों के फेफड़ों पर असर डाल रहा है। बच्चों को सांस लेने में परेशानी के मामले सामने आ रहे हैं। इन दिनों सुबह-शाम सर्दी व दिन में धूप होने से शरीर के तापमान में उतार-चढ़ाव रहता है। इससे अस्थमा, सर्दी-जुकाम, बुखार और एलर्जी के मरीज बढ़ रहे हैं।
बच्चों में सांस संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। खासकर, छोटे बच्चों और शिशुओं में सर्दी-खांसी जैसे मामूली लक्षणों की अनदेखी करने से बीमारी निमोनिया में बदल रही है, जिससे सावधान रहने की जरूरत है।
मौसम परिवर्तन में बरतें सावधानी
मेडिकल कॉलेज के सीएमएस महिला व बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरके यादव ने बताया कि बच्चों में खांसी, बुखार, ठंड लगना, सांस लेने में तकलीफ और सीने में दर्द के अलावा मतली, उल्टी और दस्त निमोनिया के लक्षण हैं। बच्चों में इन लक्षणों के दिखते ही चिकित्सक से संपर्क करें। इससे बचाव के लिए बच्चों को गर्म कपड़े पहनाएं, पौष्टिक भोजन दें, अदरक, तुलसी और शहद का काढ़ा भी पिला सकते हैं। पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ जैसे पानी और जूस पिलाएं।