सुल्तानपुर। करौंदीकला ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ क्षेत्र पंचायत सदस्यों की ओर से दिए गए सामूहिक इस्तीफे का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। सूचना मिलने पर प्रशासन की ओर से अपना पक्ष रखा गया है। इस पर कोर्ट ने इस्तीफे पर विचार करने का समय दिया है।
करौंदीकला ब्लॉक प्रमुख विनोद गौतम पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए 23 नवंबर को 48 में से 32 क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने बैठक के दौरान बीडीओ को अपना सामूहिक इस्तीफा सौंप दिया था। इस्तीफा में क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास जताते हुए उन्हें पदच्युत करने की मांग की थी।
आरोप लगाया था कि ब्लॉक प्रमुख का कार्य एक प्रतिनिधि की ओर से देखा जा रहा है। प्रतिनिधि की ओर से समान रूप से सदस्यों की सुनवाई नहीं की जा रही है। बीडीओ को दिया गया सामूहिक इस्तीफा स्वीकार न होने पर प्रकरण हाईकोर्ट पहुंच गया।
14 दिसंबर को ऊषा देवी, राम जियावन व विद्या निवास समेत 32 क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने इस्तीफा स्वीकार न किए जाने के मामले को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दी। इन बीडीसी की ओर से सामूहिक इस्तीफा स्वीकार किए जाने की याचना की गई।
रिट दाखिल होने की सूचना राज्य के मुख्य स्थायी अधिवक्ता ने पिछले दिनों जिला प्रशासन को भेजते हुए अपना पक्ष रखने को कहा था। जानकारी मिलने पर डीएम ने जिला पंचायतराज अधिकारी को बुधवार को अपना पक्ष रखने के लिए कोर्ट भेजा था।
डीपीआरओ अभिषेक शुक्ल ने बताया कि प्रशासन के पक्ष पर कोर्ट ने बीडीओ करौंदीकलां को इस्तीफा पर नियमानुसार विचार के लिए समय दिया है। कोर्ट से समय मिलने पर प्रशासन ने राहत की सांस ली है। साथ ही ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी मौके पर सुरक्षित हो गई है।