सुल्तानपुर। नए साल के स्वागत को लेकर युवाओं में उत्साह है। कोरोना संक्रमण के निर्देश को ध्यान में रखते हुए लोग अपने-अपने अंदाज में नया साल मनाने की तैयारी में जुट गए हैं।
उपहारों का भी बाजार सज गया है। उपहारों की ऑनलाइन खरीद के साथ एडवांस बुकिंग शुरू हो गई है। कोरोना वायरस से मुक्ति के लिए नववर्ष की पूर्व संध्या पर लोग मंदिरों में जाकर प्रार्थना करेंगे।
शासन से जारी दिशा-निर्देशों को ध्यान में रखते हुए होटल व ढाबों में भी जश्न मनाने की तैयारी युवा वर्ग कर रहे हैं। वहीं नए साल की सुबह विभिन्न मंदिरों में मत्था टेककर भगवान से आशीर्वाद लिया जाएगा।
इसका ध्यान रखते हुए मंदिरों में तैयारी शुरू हो गई है। लोगों की अधिक भीड़ न हो, इसका पूरा ध्यान रखा जाएगा। पार्कों में भी लोगों की भीड़ उमड़ेगी। खासकर कॉलेज के विद्यार्थी नए साल के जश्न व स्वागत को लेकर अधिक उत्साहित हैं। नए साल का सेलिब्रेशन मनाने के लिए युवा केक का ऑर्डर दे चुके हैं।
वहीं भीड़ भाड़ से बचने के लिए कई लोग एकांत में बैठकर भी नए साल का स्वागत करेंगे। नववर्ष की पूर्व संध्या पर लोग मंदिरों में जाकर वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से मुक्ति के लिए प्रार्थना करेंगे।
नए साल को लेकर उपहारों और ग्रीटिंग कार्डों का बाजार सज गया है। शहर के सिविल लाइंस रोड पर जनरल स्टोर्स के संचालक आनंद कसौंधन ने बताया कि युवा वर्गों की पसंद को ध्यान में रखते हुए कई वैरायटी के गिफ्ट मंगाए गए हैं।
इसमें टेडी बीयर, रिंग चेन, नाइट लैंप, म्यूजिकल कपल्स, कपल स्टोन, सिंगल स्टोन, परफ्यूम उपलब्ध हैं। अधिकांश लोग एसएमएस व इंटरनेट के जरिए एक-दूसरे को नए साल का शुभकामना संदेश प्रेषित करेंगे। इसके चलते ग्रीटिंग कार्ड की बिक्री कम हो गई है, जबकि गिफ्ट आइटमों की मांग बढ़ी है।
न्यू ईयर को लेकर बाजार में कैलेंडर, डायरी और पंचांग की बिक्री शुरू हो गई है। स्टेशनरी बुक डिपो के संचालक विजय ने बताया कि न्यू ईयर को लेकर इस बार सूर्य दर्शन, छग दर्शन, जंत्री, पॉकेट और टेबल कैलेंडर की मांग जोरों पर है। इसके अलावा न्यू ईयर एग्जीक्यूटिव, गांधी, गीता, लायर, इंजीनियर, ऑर्गनाइजर डायरियां उपलब्ध हैं।
मंदिरों और चर्चों में नए साल के दिन विशेष तरह की तैयारियां होती हैं। इस दिन यहां पर कई तरह के भोग बनाए जाते हैं। कई जगह गाजर का हलवा, बूंदी के लड्डू और पेड़े का प्रसाद भी तैयार किया जाता है। नया साल शुरू होते ही घंटियों का बजना और शंखनाद शुरू हो जाता है। इसके अलावा चर्च में सुबह होते ही नए साल का जश्न भी मनाया जाता है।