सुल्तानपुर। परिषदीय विद्यालयों के बच्चे हाईटेंशन लाइनों के खौफ के साए में अध्ययन करने को मजबूर हैं। पावर कॉर्पोरेशन बार-बार शिकायतों के बाद भी मामले को गंभीरता से नहीं ले रहा है, जबकि कई विद्यालयों में बिजली के तार टूटकर गिरने की वारदातें हो चुकी हैं।
बलरामपुर जिले में हुए हादसे के बाद एक बार फिर हाईटेंशन लाइनों के नीचे वाले विद्यालयों में अभिभावक अपने बच्चों को भेजने से डर रहे हैं। कई विद्यालय तो ऐसे हैं, जहां विद्युत लाइनें स्कूल की स्थापना के बाद खीचीं गई हैं।
हाल ही में भदैंया विकास खंड क्षेत्र के मुरारपुर मॉडल स्कूल परिसर में विद्युत हाईटेंशन तार टूटकर गिर गया था। यह तो गनीमत रही कि विद्युत तार रात में टूटकर गिरा था। विद्यालय अवधि में गंभीर हादसा हो सकता था। जिले के लगभग 30 ऐसे परिषदीय विद्यालय हैं, जो हाईटेंशन लाइनों की जद में हैं।
भदैंया विकास खंड क्षेत्र के मॉडल प्राथमिक विद्यालय भरसारे में 160 बच्चे अध्ययनरत हैं। प्रधानाध्यापक वंदना यादव समेत पांच शिक्षक कार्यरत हैं।
वर्ष 2006-07 में बने मॉडल स्कूल परिसर के बीचो-बीच से हाईटेंशन लाइन का तार खींचा गया है। यहां अध्ययनरत बच्चों को हर समय बिजली के तारों व खंभे से डर बना रहता है।
भदैंया विकास खंड क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय सकरसी का निर्माण 1961-62 में हुआ था। विद्यालय भवन के निर्माण के बाद बीचोबीच से हाईटेंशन लाइन खींची गई। प्रधानाध्यापक अंजू बाला ने बताया कि विद्यालय में 175 बच्चे पंजीकृत हैं। साथ ही चार अध्यापक भी कार्यरत हैं।
धनपतगंज विकास खंड क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय बरियौना में विद्युत तार परिसर से होकर गुजरा है। विद्यालय भवन से सटा हुआ पोल भी गड़ा है।
बारिश के मौसम में शिक्षक बच्चों को पोल से दूर रहने की सलाह देते हैं। विद्यालय के प्रधानाध्यापक मंजीत कुमार समेत पांच लोग कार्यरत हैं, जबकि 89 बच्चे पंजीकृत हैं।
भदैंया विकास खंड क्षेत्र का प्राथमिक विद्यालय सकरसी द्वितीय भी विद्युत हाईटेंशन लाइन के नीचे हैं। प्रधानाध्यापक राम कुमार वर्मा ने बताया कि विद्यालय भवन का निर्माण वर्ष 1995-96 में हुआ था। विद्यालय भवन निर्माण के बाद विद्युत लाइन खीचीं गई है। विद्यालय में 94 छात्र नामांकित हैं।
जयसिंहपुर विकास खंड क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय सराय कांदीपुर के भवन का निर्माण वर्ष 1964 में हुआ था। विद्युत लाइन विद्यालय भवन निर्माण के बाद खींची गई है। प्रधानाध्यापक विजय कुमार पाल ने बताया कि विद्यालय में पंजीकृत 102 बच्चे एवं शिक्षक हर समय विद्युत लाइन के खौफ में जी रहे हैं।
लंभुआ विकास खंड क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय नरहरपुर चौकिया का भवन भी विद्युत तारों के नीचे है। यहां विद्युत लाइन होने के बाद विद्यालय भवन का निर्माण वर्ष 2007 में हुआ है।
एक ही परिसर में प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय की कक्षाएं संचालित हो रही हैं। प्रभारी प्रधानाध्यापक दिनेश द्विवेदी ने बताया कि विद्यालय में 65 बच्चे पंजीकृत हैं।
विद्युत हाईटेंशन लाइनों के नीचे अध्ययन करने को मजबूर छात्र-छात्राओं के मामले में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
संघ के जिला प्रवक्ता निजाम खान ने बताया कि भदैंया, दूबेपुर, करौंदीकलां, लंभुआ, जयसिंहपुर, बल्दीराय, मोतिगरपुर, अखंडनगर, धनपतगंज समेत कई विकास खंड क्षेत्रों में लगभग 30 परिषदीय विद्यालयों के भवन के ऊपर से हाईटेंशन लाइनें गुजरी हैं।
अधीक्षण अभियंता से लाइनों को शिफ्ट कराने के लिए कई बार कहा जा चुका है। इसके बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। शिक्षक संघ प्रकरण का निराकरण न होने की स्थिति में आंदोलन को बाध्य होगा।
प्रभारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह ने बताया कि विद्यालय भवनों के ऊपर से गुजरी हाईटेंशन लाइनों के मामले में सभी खंड शिक्षाधिकारियों से अद्यतन रिपोर्ट मांगी गई है।
रिपोर्ट मिलते ही संकलित सूची के साथ पावर कॉर्पोरेशन के अधीक्षण अभियंता को लाइनें शिफ्ट कराने के लिए पत्र भेजा जाएगा। साथ ही जिलाधिकारी से इस मामले में कार्रवाई करने की मांग की जाएगी।