सुल्तानपुर। जानलेवा हमले के मामले में महिला आरोपी की तरफ से पेश की गई जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान विवेचना में मिली खामियों पर कोर्ट ने नाराजगी जताई है। स्पेशल जज एससी-एसटी एक्ट राकेश पांडेय की कोर्ट में मंगलवार को हाजिर तत्कालीन सीओ आशुतोष कुमार सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। अदालत ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से तलब किया था।
अब कोर्ट ने विवेचना रिपोर्ट को अग्रसारित करने वाले संयुक्त निदेशक अभियोजन यशवंत सिंह को तलब करते हुए इस तरह की गलती पर कड़ी चेतावनी दी है। कोर्ट ने आरोपी पूनम की अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ाते हुए बहस के लिए 18 मई की तारीख तय की है। जयसिंहपुर कोतवाली के डड़वा निवासी वादी मुकदमा रामशब्द ने गत वर्ष 20 जुलाई की घटना बताते हुए स्थानीय कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
इसमें बताया गया कि सीमेंट व मोरंग गिराने के विवाद में गांव के ही आरोपी अनुराग दिन्ने, पूनम, विजय बहादुर ,कल्लू, बेचू गुप्ता एवं स्थानीय कोतवाली के तिंदौली निवासी आरोपी राज सोनी व उनके अज्ञात साथियों ने मिलकर धारदार हथियारों से वादी पक्ष पर हमला किया था। वादी के मुताबिक हमले में उनकी पत्नी इंद्रावती व उनके बेटे प्रवेश को गंभीर चोट आई थी।