सुल्तानपुर। बहुचर्चित ऋषिकेश सिंह हत्याकांड में फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय के न्यायमूर्ति राकेश यादव की अदालत ने मंगलवार को फैसला सुनाया। अदालत ने मामले में तीन अभियुक्तों को दोषी ठहराया है। उनकी सजा पर सुनवाई के लिए 15 अक्तूबर की तारीख तय की गई है। वहीं, अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए आरोपी आजाद को बरी कर दिया है।
शहर के सिरवारा रोड निवासी राकेश सिंह ने नौ फरवरी 2008 की घटना बताते हुए कोतवाली नगर में केस दर्ज कराया था। आरोप के मुताबिक घटना के समय उनके भाई ऋषिकेश सिंह उर्फ पिंटू नयानगर-सिरवारा रोड निवासी दीप सिंह के घर गए थे। वहां से शाम करीब सात बजे वह बाहर निकले। इसी दौरान कोतवाली नगर के लोलेपुर निवासी आरोपीगण इरफान उर्फ जानी, शहजाद, बाबुल, सिरवारा रोड- नयानगर निवासी सौरभ मिश्र व दो नाबालिगों ने तलवार, लोहे की राड, हाॅकी व विकेट समेत अन्य हथियारों से हमला कर ऋषिकेश सिंह की हत्या कर दी थी।
मामले में कुल छह आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हुई, जिनमें से दो के खिलाफ किशोर न्यायालय में विचारण चल रहा है। शेष चार आरोपियों के खिलाफ सेशन कोर्ट में विचारण चला। यह पत्रावली एडीजे तृतीय की अदालत से एफटीसी द्वितीय की अदालत में ट्रांसफर कर दी गई। वहां पर बहस पूरी होने के बाद पत्रावली 14 अक्तूबर के लिए आदेश में नियत की गई। मंगलवार को फैसला आने के दौरान आरोपी बाबुल व एक नाबालिग हाजिर हुए, जबकि आरोपी इरफान उर्फ जानी व सौरभ मिश्र गैरहाजिर रहे। अदालत ने फैसला सुनाते हुए आरोपी एक नाबालिग को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त करार दिया।
वहीं, इरफान, सौरभ व बाबुल को हत्या सहित अन्य धाराओं में दोषी करार देते हुए उनकी सजा पर सुनवाई के लिए 15 अक्तूबर की तारीख तय कर दी। फैसले के समय गैरहाजिर रहे आरोपी इरफान व सौरभ मिश्र के खिलाफ कोर्ट ने एनबीडब्ल्यू व फरार घोषित करने की कार्यवाही जारी करने का आदेश दिया। कोर्ट का कड़ा रुख देखकर गैरहाजिर दोषी इरफान व सौरभ मिश्र अधिवक्ता के माध्यम से अर्जी देकर कुछ ही देर में आत्मसमर्पण कर दिया। तीनों दोषियों को अदालत ने जेल भेजने का आदेश दिया। बुधवार को सजा पर सुनवाई के लिए तीनों दोषियों को जिला कारागार से तलब किया है।