विकास भवन सभागार में महिलाओं की सुनवाई करतीं राज्य महिला आयोग की सदस्य।
सुल्तानपुर। राज्य महिला आयोग की सदस्य नीलम प्रभात ने बल्दीराय के पूरे टोड़ी शुक्ल का पुरवा नरसड़ा निवासी पिंकी शुक्ला की समस्या सुनने के बाद कहा कि न्यायालय वाद निस्तारित होने के बाद ही आयोग प्रकरण में हस्तक्षेप कर सकेगा। इस बीच अधिवक्ता के जरिये न्यायालय में ही अपना पक्ष रखना होगा। कोई घटना होने पर पुलिस व प्रशासन मदद करेगा।
विकास भवन सभागार में राज्य महिला आयोग की सदस्य नीलम प्रभात पीड़ित महिलाओं की मंगलवार को सुनवाई कर रही थीं। इस दौरान बल्दीराय के नरसड़ा निवासी पिंकी ने बताया कि पति विजय शंकर शुक्ल ने घर से निकाल दिया। पांच साल की एक बच्ची भी है। न्यायालय में गुजारा भत्ता के लिए मुकदमा किया है। शिवगढ़ थाने के भरसारे निवासी रोली सिंह ने गांव के एक व्यक्ति पर अभद्रता करने व पिटाई का आरोप लगाया। कहा कि पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।
इसी गांव की अनोखा ने भी इसी आरोपी परिवार के लोगों पर मारने-पीटने व अभद्रता करने का आरोप लगा शिकायत की। प्रकरणों की सुनवाई के बाद आयोग की सदस्य ने दोनों प्रकरणाें में सीओ लंभुआ को आरोपियों पर प्राथमिकी दर्ज करते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए। विभाग से संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए पात्रों को लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।
इसके बाद दूबेपुर में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में हिस्सा लिया। आयोग की सदस्य ने महिलाओं के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए कानून के प्रावधान के बारे में बताया। जिला प्रोबेशन अधिकारी वीपी वर्मा ने बताया कि सुनवाई के समय अतिरिक्त उपजिलाधिकारी, पुलिस क्षेत्राधिकारी समेत अन्य मौजूद रहे।