सुल्तानपुर। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए एक नई व्यवस्था लागू की जा रही है। इसके तहत अब हर महीने बच्चों की पढ़ाई और सीखने की क्षमता की समीक्षा की जाएगी। जिले के 2061 परिषदीय विद्यालयों में एक लाख से अधिक बच्चे पंजीकृत हैं। इनकी शिक्षा की जिम्मेदारी लगभग छह हजार शिक्षकों पर है।
शिक्षा विभाग ने यह समीक्षा व्यवस्था विद्यालय स्तर से लेकर ब्लॉक, जिला और प्रदेश स्तर तक लागू की है। प्रत्येक माह के चौथे शनिवार को खंड शिक्षा अधिकारी प्रधानाध्यापकों के साथ बैठक करेंगे। इन बैठकों में विद्यालयों की प्रगति की रिपोर्ट तैयार की जाएगी। समीक्षा में शैक्षिक कैलेंडर के पालन और पाठ्यक्रम के लक्ष्यों की प्राप्ति जांची जाएगी। बच्चों की सीखने संबंधी कठिनाइयों पर भी चर्चा होगी। कमियां पाए जाने पर तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
मासिक समीक्षा के मुख्य बिंदु
मासिक समीक्षा में निपुण भारत मिशन की प्रगति का आकलन होगा। छात्र नामांकन और उनकी उपस्थिति पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। बालिका एवं समावेशी शिक्षा के साथ डिजिटल संसाधनों के उपयोग की भी समीक्षा होगी। प्री-प्राइमरी शिक्षा और पीएम पोषण योजना के क्रियान्वयन की स्थिति भी जांची जाएगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उपेंद्र गुप्ता ने बताया कि बच्चों की उपस्थिति और नामांकन की नियमित समीक्षा होगी।