सुल्तानपुर। गरीबों को सस्ते दर पर राशन देने की सरकार की मंशा क्षेत्र में फेल हो गई है। ब्लॉक के कई गांवों में सुविधा संपन्न लोग गरीबों को मिलने वाले सस्ते दर के राशन का लाभ उठा रहे हैं।
आलीशान बिल्डिंग, लग्जरी वाहन, ट्रैक्टर मालिक, सरकारी नौकरी करने वाले और विदेश में रहने वालों तक के नाम राशन कार्ड बने हैं। गरीबी रेखा के नीचे जीवन गुजर बसर कर रहे पात्र लोग राशन के लिए दर-दर भटक रहे हैं। राशन कार्ड बनाने में पूर्ति विभाग की लापरवाही उजागर हो रही है।
कुड़वार विकास खंड में 75 ग्राम पंचायतों के सापेक्ष सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत 77 कोटे की दुकानें हैं। राशन की इन दुकानों पर अंत्योदय योजना के तहत 35 किलोग्राम राशन और पात्र गृहस्थी योजना के तहत पांच किलोग्राम प्रति यूनिट की दर से राशन दिया जाता है।
गेहूं दो रुपये व चावल तीन रुपये प्रति किलोग्राम की दर से कार्ड धारकों को मिलता है। क्षेत्र में कुड़वार, सरकौड़ा, धरावां समेत कई अन्य ग्राम पंचायतों की राशन कार्ड सूची पर ध्यान दौड़ाया जाए तो चौंकाने वाले लोगों के नाम सूची में मिलते हैं।
क्षेत्र के लतीफ, महावीर समेत कई लोगों ने अपात्र लोगों के नाम बने राशन कार्ड को रद करके पात्र लोगों के नाम राशन कार्ड बनाने की मांग की है।
कुड़वार। इस बारे में पूर्ति निरीक्षक सुधा सिंह ने बताया कि दो लाख रुपये से अधिक की वार्षिक आमदनी वाले लोगों का राशन कार्ड बनाना गलत है। उन्हें राशन कार्ड बनाने में धांधली होने की कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।