सुल्तानपुर। अधिवक्ता आजाद अहमद हत्याकांड में सोमवार को गवाही शुरू हो गई। जिला जज जय प्रकाश पांडेय की अदालत में वादी मुकदमा का मुख्य बयान दर्ज किया गया। वादी से बचाव पक्ष की जिरह पूरी नहीं हो पाने पर जिला जज ने अगली सुनवाई के लिए 15 मई की तिथि नियत कर दी है।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता शेख नजर अहमद के मुताबिक छह अगस्त 2023 को भुलकी चौराहे के पास कोतवाली देहात थाने के अलहदादपुर गांव निवासी अधिवक्ता आजाद अहमद की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जबकि उनके भाई मुनव्वर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मामले में नगर कोतवाली के लाेलेपुर गांव निवासी सिराज अहमद उर्फ पप्पू, मेराज अहमद व इकराम उर्फ इमरामुदद्ददीन, घरहा कला के इस्माइल उर्फ प्रिंस, शहर के खैराबाद मोहल्ले के सलमान, सोहराब व सहजाद और मृतक के गांव के समीम उर्फ लड्डन व उसकी पत्नी अख्तरुल निशा को आरोपी बनाया गया था। जबकि लोलेपुर गांव के माे. वसीम के खिलाफ आरोपियों को संरक्षण देने के आरोप में केस दर्ज किया गया था।
मृतक के पिता वादी मुकदमा मो. सलीम सोमवार को गवाही देने के लिए कोर्ट में पेश हुए। उनका मुख्य बयान दर्ज होने के बाद बचाव पक्ष की ओर से जिरह शुरू की गई। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता शेख नजर अहमद ने बताया कि वादी से जिरह पूरी नहीं होने पर जिला जज ने बचाव पक्ष को जिरह जारी रखने का आदेश देते हुए अगली सुनवाई के लिए 15 मई की तिथि नियत कर दी है।
उधर, अधिवक्ता आजाद अहमद हत्याकांड का मुख्य आरोपी सिराज अहमद उर्फ पप्पू घटना के बाद से ही फरार चल रहा है। पुलिस उसे अभी तक गिरफ्तार नहीं कर पाई है।