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Sultanpur News: अजय नारायण व अजय सिलावट की मारपीट से तनाव में जेल अफसर

Tue, 07 May 2024 12:45 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
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सुल्तानपुर। जिला कारागार के अधिकारी इन दिनों अलग तनाव में हैं। जेल में चिकित्सक हत्याकांड का मुख्य आरोपी अजय नारायण सिंह बंद है तो वहीं अजय नारायण के चचेरे भाई विजय नारायण की हत्या का आरोपी अजय सिंह भी बंद है। इन दोनों के बीच करीब चार दिन पहले मारपीट भी हो चुकी है। ऐसे में अब दोनों को अलग-अलग रखा गया है। सूत्रों की मानें तो इसमें से एक को दूसरी जेल में शिफ्ट करने पर भी विचार हो रहा है।
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23 सितंबर 2023 को चिकित्सक घनश्याम तिवारी की जघन्य हत्या की गई थी। इसमें मुख्य आरोपी नारायणपुर निवासी अजय नारायण सिंह सुल्तानपुर जिला कारागार में बंद है। इस हत्याकांड में अजय नारायण का चचेरा भाई विजय नारायण सिंह भी आरोपी था। वह जमानत पर छूटकर बाहर आया था। जेल से बाहर आने के कुछ दिन बाद ही बीती सात अप्रैल को दरियापुर तिराहे के पास एक बार के सामने विजय नारायण सिंह की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई।


इस हत्या के मुख्य आरोपी अंबेडकरनगर के महरूआ थाना क्षेत्र के निवासी अजय सिंह सिलावट को पुलिस ने मुठभेड़ में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तब से अजय नारायण सिंह और अजय सिलावट दोनों एक ही जेल में बंद हैं। सूत्रों के अनुसार करीब चार दिन पहले लंच के दौरान दोनों का आमना-सामना हो गया तो उनमें मारपीट हो गई। जेल के कर्मचारियों ने उन्हें अलग कराया, जिससे किसी को गंभीर चोट नहीं आई, न ही अस्पताल जाने की नौबत आई। इसके बाद अजय नारायण के साथ जेल के अधिकारी काफी सख्ती से भी पेश आए। तब से दोनों को अलग-अलग रखा जा रहा है और यह प्रयास किया जा रहा है कि दोनों का आमना-सामना न हो।
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अजय सिंह को दूसरी जेल में किया जा सकता है शिफ्ट
जेल के अधिकारी हालांकि इस बात की अभी पुष्टि नहीं कर रहे हैं, लेकिन माना जा रहा है कि विजय नारायण हत्याकांड के आरोपी अजय सिंह सिलावट को दूसरी जेल में शिफ्ट किया जा सकता है। सूत्रों का यह भी कहना है कि सिलावट के क्षेत्र के ही रहने वाला एक जेल कर्मचारी सुल्तानपुर जेल में तैनात है, जिसका सिलावट को फायदा मिल रहा है। किंतु जिस तरह से दोनों के तेवर हैं, उससे कभी भी कोई अनहोनी हो सकती है। इसलिए अजय सिलावट भी यहां से अपना तबादला चाहता है।




बरती जा रही है सावधानी : अधीक्षक
अजय नारायण और अजय सिलावट को अलग-अलग रखा जा रहा है। यह सावधानी बरती जा रही है कि मुलाकात के दौरान भी दोनों का आमना-सामना न हो। फिलहाल किसी को जेल से शिफ्ट किए जाने की कोई तैयारी नहीं है। यदि ऐसा कुछ होगा तो सार्वजनिक किया जाएगा।
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- प्रांजिल अरविंद, अधीक्षक, जिला कारागार
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