एक लेखपाल की मौत पर तहसील सदर में शुक्रवार को लेखपाल संगठन की ओर से आयोजित शोकसभा के संबंध में तहसीलदार न्यायिक के व्यवहार को लेकर लेखपाल भड़क गए। लेखपालों ने तहसील न्यायिक को उनके कक्ष में ही कैद कर लिया और बाहर से दरवाजा बंद कर दिया। लेखपालों ने बाहर जमकर हंगामा किया। मामला बढ़ते देख तहसीलदार न्यायिक कक्ष के पीछे स्थित खिड़की से निकल गए। बाद में लेखपालों ने उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित कर स्थानांतरण की मांग की। एसडीएम सदर को ज्ञापन दिया।
बीते 16 मार्च को एक लेखपाल कमला प्रसाद की मौत हो जाने के बाद शुक्रवार को उप्र लेखपाल संघ की सदर इकाई ने एक शोकसभा आयोजित की थी। शोकसभा के लिए लेखपाल संघ ने तहसीलदार न्यायिक राम केवल तिवारी से अध्यक्षता करने की पेशकश की। तहसीलदार न्यायिक अध्यक्षता करने के बजाय लेखपालों पर ही भड़क गए। लेखपालों के मुताबिक तहसीलदार न्यायिक ने अमर्यादित आचरण किया। उनके अमर्यादित आचरण को लेकर लेखपाल भड़क गए। लेखपालों ने उन्हें उनके कक्ष में ही कैद कर लिया और बाहर से दरवाजा बंद कर दिया। दरवाजा बंद करके लेखपाल बाहर हंगामा करने लगे।
करीब आधे घंटे कक्ष में बंद रहने के दौरान मामला बढ़ते देख तहसीलदार न्यायिक पीछे के दरवाजे में लगी खिड़की किसी से खुलवाकर निकल गए। कुछ देर बाद दरवाजा खुलने पर कक्ष खाली मिलने पर लेखपालों ने एक बैठक की। बैठक में संगठन के तहसीलदार न्यायिक के अमर्यादित आचरण की निंदा की। एसडीएम रतिभान वर्मा ने बताया कि लेखपालों का ज्ञापन मिला है।