कलेक्ट्रेट में ज्ञापन देने जाते शिक्षक।
सुल्तानपुर। टीईटी अनिवार्यता आदेश के विरोध में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले शुक्रवार को तिकोनिया पार्क में शिक्षकों ने धरना दिया। यहां से कलेक्ट्रेट पहुंचे शिक्षकों ने नारेबाजी की और प्रधानमंत्री व केंद्रीय शिक्षा मंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के फैसले को असंवैधानिक बताते हुए प्रधानमंत्री से मामले में दखल की मांग की।
जिलाध्यक्ष दिनेश उपाध्याय ने कहा कि टीईटी को शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता या अनुभव के समकक्ष मानना सरासर अन्याय है। टीईटी केवल एक पात्रता परीक्षा है, जो नए अभ्यर्थियों के लिए रखी गई थी। इसे उन शिक्षकों पर थोपना न्यायसंगत नहीं है, जिन्होंने वर्षों की सेवा, निरंतर प्रशिक्षण और उच्च शैक्षिक उपलब्धियों से स्वयं को सिद्ध किया है। राम आशीष मौर्य ने मांग करते हुए कहा कि आरटीई एक्ट लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को इस अनिवार्यता से मुक्त किया जाए। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश ने लाखों सेवारत शिक्षकों को निराशा और असुरक्षा से भर दिया है।
संगठन इस निर्णय को न केवल असंवैधानिक बल्कि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के भी विरुद्ध मानता है। इस मौके पर प्रदेश उपाध्यक्ष मालती सिंह, पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र पांडेय, जूनियर शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष देवेंद्र त्रिपाठी, महामंत्री कलहू पाल, उपाध्यक्ष रमेश तिवारी, कोषाध्यक्ष विनय प्रजापति, मोतिगरपुर ब्लॉक अध्यक्ष मुकेश सिंह, संरक्षक राजेंद्र कुमार सिंह, उपाध्यक्ष राम अनुज यादव, लंभुआ अध्यक्ष रणवीर सिंह, जिला मीडिया प्रभारी चन्द्रपाल आदि मौजूद रहे।