सुल्तानपुर। यूपी बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों के मद्देनजर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा विभाग ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। परीक्षाओं में शिक्षकों की ड्यूटी लगाने की प्रक्रिया को पारदर्शी और त्रुटि रहित बनाने के उद्देश्य से, सभी विद्यालयों को अपने कार्यरत शिक्षकों का पूरा डेटा विभागीय पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य कर दिया गया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य परीक्षा ड्यूटी सूची में दिवंगत या स्थानांतरित शिक्षकों के नामों जैसी पुरानी गड़बड़ियों को दूर करना है।
इस वर्ष जिले में यूपी बोर्ड की परीक्षा 122 केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। जिसमें हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के कुल 76,664 परीक्षार्थी पंजीकृत होंगे। हाईस्कूल में 40,122 और इंटरमीडिएट में 36,572 छात्र-छात्राएं परीक्षा देंगे। परीक्षा व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए शिक्षकों की ड्यूटी समय पर तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
डीआईओएस कार्यालय के परीक्षा प्रभारी जितेंद्र दुबे ने बताया कि पुराने रिकॉर्ड के अपडेट न होने से पूर्व में ड्यूटी सूची में कई बार ऐसे शिक्षकों के नाम शामिल हो जाते थे जो या तो दिवंगत हो चुके होते थे या उनका स्थानांतरण हो चुका होता था। इस समस्या को हल करने के लिए, सभी विद्यालयों से शिक्षकों का नया और सटीक डेटा मांगा गया है।
समय रहते डेटा उपलब्ध कराने पर जोर
जिला विद्यालय निरीक्षक सूर्य प्रकाश सिंह ने बताया कि समय रहते सही डेटा अपलोड कराने पर जोर है, डेटा मिलने से परीक्षा ड्यूटी का आवंटन आसानी से हाे सकेगा। यदि किसी विद्यालय की ओर से गलत या अधूरी जानकारी अपलोड की गई, तो संबंधित प्रधानाचार्य के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।