विद्यालयों के परफॉर्मेंस का आकलन करने को विद्यालय श्रेणीकरण की नवीन व्यवस्था लागू की जाएगी। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्कूलों व बच्चों को पुरस्कृत कर प्रोत्साहित किया जाएगा।
शासन ने शैक्षिक सत्र 2015-16 को शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन वर्ष के रूप में मनाने का फरमान जारी किया है। इसके तहत विद्यालय व बच्चों का मूल्यांकन किया जाएगा। कक्षा एक के बच्चों में समझ के साथ पढ़ने-लिखने तथा आंककीय दक्षता विकसित करने को विशेष प्रयास किए जाएंगे। भाषा शिक्षण के अंतर्गत श्रवण, वाचन, पठन एवं लेखन तथा गणित शिक्षण के तहत विद्यालयों में मानसिक गणित के कौशल को विकसित करने पर ध्यान होगा।
विद्यार्थियों के पठन-पाठन स्तर के अनुरूप स्कूलों में बाल साहित्य की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही तिमाही, छमाही, नौ माह और वार्षिक परीक्षा का आयोजन भी किया जाएगा। सेवारत शिक्षकों के प्रशिक्षण के संबंद्घ में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद से समेकित कैलेंडर जारी किया जाएगा।
जिला, ब्लॉक एवं न्याय पंचायत स्तर पर प्रशिक्षण आयोजित होगा। इनके अलावा विद्यालय के प्रबंधन एवं संचालन में विद्यालय प्रबंध समिति की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कराई जाएगी। प्रत्येक माह अभिभावक समिति की बैठक होगी। विषय एवं दक्षता के आधार पर जनपदवार विद्यार्थियों की उपलब्धि का स्तर तथा कठिनाइयों वाले क्षेत्रों को जानने के लिए राज्य स्तर पर एचीवमेंट सर्वे कराया जाएगा। मेधावी बच्चों व विद्यालयों को पुरस्कृत किया जाएगा।
बीएसए रमेश यादव ने बताया कि शासन की मंशानुरूप विद्यालयों में पठन-पाठन का स्तर उठाने को हर संभव प्रयास किया जा रहा है। विद्यालयों की नियमित जांच की जाएगी। शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित होगी तो काफी हद तक समस्या दूर हो जाएगी।