सुल्तानपुर। माता और पिता दोनों के सरकारी सेवा में होने के बावजूद मृतक आश्रित कोटे से नौकरी हासिल करना एक शिक्षक को भारी पड़ गया। जांच के बाद बीएसए ने अध्यापक को बर्खास्त कर दिया है।
धनपतगंज विकासखंड क्षेत्र के पूरे भग्गू मायंग प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक प्रेमप्रकाश उपाध्याय ने नौ जुलाई 2009 को जयसिंहपुर के प्राथमिक विद्यालय नरायनपुर में मृतक आश्रित कोटे से नौकरी हासिल की थी। प्रेम प्रकाश की माता गायत्री देवी की अविभाजित सुल्तानपुर जिले के शुकुल बाजार ब्लॉक के ठाकुरगंज इंदरिया पूर्व माध्यमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर तैनाती के दौरान 10 अगस्त 2008 को मौत हो गई थी।
प्रेम प्रकाश के पिता रविंद्र प्रताप उपाध्याय ग्रामीण आर्यावर्त बड़ौदा बैंक में कार्यरत थे। नियमों के मुताबिक माता व पिता दोनों के सरकारी अथवा केंद्र व राज्य सरकार की स्वामित्व वाले किसी निगम में सेवारत होने पर मृतक आश्रित कोटे में नौकरी नहीं दी जा सकती। प्रेम प्रकाश ने नौकरी अर्जित करते समय इस तथ्य को गोपनीय रखा था। मामले की शिकायत होने पर जांच में तथ्य सही पाए जाने पर बीएसए संतोष कुमार सक्सेना ने प्रेमप्रकाश उपाध्याय को बर्खास्त कर दिया है।
दर्ज होगी प्राथमिकी
धनपतगंज के प्राथमिक विद्यालय पूरे भग्गू मायंग में कार्यरत रहे प्रधानाध्यापक प्रेम प्रकाश के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश बीएसए संतोष कुमार सक्सेना ने धनपतगंज खंड शिक्षा अधिकारी को दिया है। साथ ही शिक्षक के रूप में अर्जित वेतन आदि की वसूली के लिए बीईओ एवं वित्त एवं लेखाधिकारी को निर्देशित किया है।