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स्कूटी और बाइक की भिड़तं में शिक्षक की मौत

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सुल्तानपुर। बाजार से सब्जी खरीदकर घर लौट रहे स्कूटी सवार शिक्षक की बाइक सवार से भिड़ंत हो गई। हादसे में गंभीर रूप से घायल शिक्षक को स्थानीय लोगों ने जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
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मौत की सूचना मिलते ही शिक्षकों का जिला अस्पताल से लेकर पोस्टमार्टम हाउस तक तांता लग गया। बीएसए ने सोमवार को पीड़ित परिवार से मुलाकात कर हर संभव मदद का भरोसा दिया।
आजमगढ़ जिले के लालगंज थाना क्षेत्र के बारवा गांव निवासी विभव भूषण तिवारी (39) सुल्तानपुर जिले के कुड़वार विकास क्षेत्र अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय भदहरा में सहायक अध्यापक पद पर कार्यरत थे। विभव अपनी पत्नी व दो बच्चों के साथ कोतवाली नगर क्षेत्र के करौंदिया (चुनहा) के पास अपने जीजा के मकान में रहते थे।
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रविवार की रात विभव भूषण तिवारी घर से सामान खरीदने के लिए सब्जी मंडी गए थे। रात करीब साढ़े आठ बजे वे स्कूटी से सब्जी खरीदकर घर लौट रहे थे। विभव भूषण स्कूटी से करौंदिया ओवरब्रिज से नीचे उतर रहे थे।
तभी तेज रफ्तार बाइक सवार से आमने-सामने भिड़ंत हो गई। दुर्घटना में घायल विभव भूषण को स्थानीय लोगों ने जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उधर, बाइक सवार हादसे के बाद वाहन मौके पर छोड़कर भाग निकला।
शिक्षक की मौत की सूचना मिलते ही कई शिक्षक जिला अस्पताल पहुंच गए और हादसे की जानकारी ली। सोमवार को पोस्टमार्टम हाउस पर भी शिक्षकों का तांता लगा रहा। शिक्षक की मौत की जानकारी मिलते ही बीएसए संतोष कुमार सक्सेना भी पीड़ित के घर पहुंचे और हर संभव मदद का भरोसा दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के शिकार शिक्षक ने हेलमेट पहना था।
शिक्षक नेता विभव भूषण तिवारी का 2015-06 में पीसीएस परीक्षा में मार्केटिंग इंस्पेक्टर पद पर चयन हुआ था। विभव भूषण ने उसे ज्वॉइन नहीं किया था। उनका मानना था कि बच्चों को शिक्षा देने से बेहतर कुछ नहीं है। वे बच्चों को पढ़ाकर आगे बढ़ाना चाहते थे।
विभव भूषण तिवारी के परिवार में पत्नी कल्पना तिवारी के साथ ही दो मासूम बच्चे हैं। इनमें पांच वर्षीय बेटी अरसीता और तीन वर्ष का बेटा नमन है। पति की मौत से कल्पना का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं बेटी बार-बार पापा को याद कर रही है।
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