सुल्तानपुर। परिषदीय विद्यालयों को निपुण बनाने के लिए शासन एवं बेसिक शिक्षा विभाग तमाम कोशिशें कर रहा है। इसके चलते ही शिक्षक संकुल के सदस्यों को दिसम्बर तक अपने-अपने विद्यालयों को निपुण बनाने का लक्ष्य दिया गया है। यह जानकारी पं. राम नरेश त्रिपाठी सभागार में आयोजित दो दिवसीय शिक्षक संकुल कार्यशाला में आयोजित प्रशिक्षण के समापन सत्र में दी गई।
कार्यशाला के मौजूद डॉयट प्राचार्य धर्मेंद्र कुमार ने बच्चों को सीखने के लिए समूह कार्य कराने का निर्देश दिया। डॉयट प्रवक्ता शशांक शेखर ने कहा कि टीम भावना के साथ समयसारिणी बनाकर पठन पाठन को बेहतर बनाना होगा। प्रवक्ता डॉ. हरिओम त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षक, स्कूलों में दी गई बिग बुक व गणित किट का बच्चों के सीखने में प्रयोग करें।
दो दिवसीय कार्यशाला में शिक्षक संकुल बैठक, लेशन प्लान, अकादमी स्ट्रेटजी, अधिगम सामाग्री, निपुण विद्यालय कुल किट आदि पर प्रशिक्षक सत्यदेव पांडेय, सुनील सिंह व तनुजा पांडेय ने शिक्षकों से सीधा संवाद भी स्थापित किया। शिक्षक संकुल बैठक को प्रभावी बनाने के लिए कूरेभार, करौंदीकलाे व मोतिगरपुर के शिक्षकों से एक रोल प्ले भी कराया गया।
डाॅयट के प्रशिक्षण प्रभारी मनीष तिवारी ने बताया कि दो दिवसीय कार्यशाला में 114 न्याय पंचायतों के कुल 570 शिक्षक संकुल को अपना विद्यालय निपुण बनाने के लिए निर्धारित मानकों के बारे में भी जानकारी दी गई। कार्यशाला में पवन पांडेय, बृजेश सिंह, डॉ. रामसागर, कविता, दीपिका दूबे समेत कई लोग मौजूद रहे।