जिले की इकलौती किसान सहकारी चीनी मिल ने अधूरे पेराई लक्ष्य पर ही गन्ना की पेराई बंद करने की तैयारी शुरू कर दी है। मिल प्रबंधन ने नो-केन का हवाला देते हुए किसानों को शीघ्र ही गन्ना देने के लिए नोटिस जारी की है। पेराई सत्र के दौरान आए दिन तकनीकी खराबी समेत अन्य वजहों से गन्ना की पेराई बाधित रहने से 15 लाख लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक महज नौ लाख 25 क्विंटल गन्ना की पेराई हो सकी है।
ऐसी ही हालत रही तो चार-पांच दिनों में मिल में गन्ना की पेराई बंद हो जाएगी।
पेराई सत्र 2016-17 में किसान सहकारी चीनी ने 15 लाख क्विंटल गन्ना की पेराई करने का लक्ष्य निर्धारित किया था। पेराई सत्र का शुभांरभ होने पर शुरुआती दिनों में किसान गन्ना पर्ची के लिए परेशान रहे। मिल प्रबंधन की लापरवाही से जिले के गन्ना किसानों को समय से गन्ना पर्ची नहीं मिल पाई थी। इससे अगेती गेहूं की बोआई करने के लिए किसानों को अपना गन्ना निजी क्रेशरों पर देना पड़ा।
किसानों के खेतों में गन्ना की फसल तैयार थी और वे खेत खाली करने के लिए पर्ची पाने की कोशिश में मिल का चक्कर काट रहे थे। काफी संख्या में गन्ना पर्ची के अभाव में किसानों का गन्ना चीनी मिल ने नहीं लिया था। मजबूर होकर किसानों को कम दामों पर गाढ़ी कमाई से तैयार गन्ना निजी क्रेशरों के साथ ही दूसरी चीनी मिलों को देना पड़ा था। जर्जर हो चुकी चीनी मिल में पेराई सत्र के दौरान आए दिन तकनीकी खराबी समेत अन्य खामियों से गन्ना की पेराई बाधित रही थी। किसान अपना गन्ना देने के लिए कई दिनों तक मिल यार्ड में रहते थे।