दूबेपुर। विकास खंड के पूर्व माध्यमिक विद्यालय लाखीपुर में आरटीई (शिक्षा का अधिकार कानून) का माखौल उड़ाया जा रहा है। बुधवार को यहां पर एमडीएम के लिए लाई गई लकड़ियों को नौनिहालों से विद्यालय परिसर से उठवाकर अंदर रखवाया गया। ग्रामीणों ने इसका विरोध किया तो मौजूद शिक्षक उनसे ही उलझ गए।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय लाखीपुर में शिक्षा के अधिकार कानून का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। यहां शिक्षकों द्वारा नौनिहालों से बेगारी कराई जाती है। यह शिकायत यहां के ग्रामीणों की है। ग्रामीण रंजीत यादव, सियाराम यादव, दिलीप सिंह, विजय यादव, बृजेश चौहान, बृजेश सिंह आदि का आरोप है कि बुधवार को बच्चों से लकड़ी ढुलवाई जा रही थी। रंजीत ने बताया कि जब कुछ बच्चों ने लकड़ी ढोने से मना किए तो उन्हें शिक्षकों ने डांटा-फटकारा।
इसकी जानकारी जब उन्हें हुई तो ग्रामीणों के साथ स्कूल पहुंच गए। उपस्थित शिक्षक ग्रामीणों से ही उलझ गए। ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से करने की बात कही है।
इस संबंध में खंड शिक्षाधिकारी ओंकार सिंह ने बताया कि मामले की जांच कराकर संबंधित हेडमास्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बच्चों से लकड़ी ढुुलवाना या फिर अन्य तरह की बेगारी नहीं कराई जा सकती है।