बहादुर गांव में बिजली तार की मरम्मत करते कर्मी। स्रोत- विभाग
सुल्तानपुर। सोमवार रात करीब 12:30 बजे आई आंधी ने जिले की बिजली व्यवस्था चौपट कर दी। हालात यह रहे कि मंगलवार को भी बिजली व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट सकी।
एचटी लाइनों में फॉल्ट और पेड़ गिरने से पकड़ी व धम्मौर उपकेंद्रों से आपूर्ति घंटों ठप रही। जिससे करीब 100 गांवों की लगभग 90 हजार आबादी रातभर गर्मी से बेहाल रही। कई इलाकों में लोग पूरी रात जागकर गुजारने को मजबूर हुए। पकड़ी उपकेंद्र की एचटी लाइन पर रात एक बजे अहिमाने गांव के पास बांस का पेड़ गिरने से तार आपस में चिपक गए। जिससे उपकेंद्र ठप हो गया और करीब 50 गांवों की बिजली गुल हो गई। मंगलवार सुबह बांस हटाने के बाद 7:55 बजे आपूर्ति बहाल हुई। अवर अभियंता जितेंद्र कुमार ने बताया कि पारेषण लाइन बाधित होने से पूरा उपकेंद्र बंद करना पड़ा।
उधर, पयागीपुर पारेषण केंद्र से धम्मौर उपकेंद्र आने वाली हाईटेंशन लाइन में देर रात फॉल्ट आ गया। इससे बनकेपुर, धम्मौर और कूड़धाम फीडरों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। क्षेत्र की करीब 50 हजार आबादी पूरी रात बिजली संकट से जूझती रही। जेई सचिन यादव के मुताबिक सुबह आठ बजे सप्लाई बहाल की जा सकी। टीपी नगर उपकेंद्र के साउथ फीडर से जुड़े पूरा जिल्ला लौहर पश्चिम गांव में पांच दिन पहले जला ट्रांसफार्मर अभी तक नहीं बदला गया है।
बिजली ठप रहने से 40 परिवार भीषण गर्मी में अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। ग्रामीणों काे जल संकट का भी सामना करना पड़ा रहा है।