पर्यावरण संरक्षण हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। बढ़ते प्रदूषण के लिए हम सभी जिम्मेदार हैं। हमें अपने घरों से ही प्रदूषण रोकने की शुरुआत करनी होगी तभी पर्यावरण संरक्षण का संकल्प पूरा होगा और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ पर्यावरण मिलेगा। ये बातें जिलाधिकारी एस. राजलिंगम ने कहीं। वे सोमवार को अमर उजाला व मैक्स ब्लॉक्स के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पर्यावरण चौपाल को संबोधित कर रहे थे।
अमहट के निकट स्थित क्यान क्लार्क्स इन होटल के मीटिंग हॉल में ‘अमर उजाला’ एवं मैक्स ब्लॉक्स की ओर से आयोजित पर्यावरण चौपाल का मुख्य अतिथि डीएम एस. राजलिंगम व विशिष्ट अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष प्रवीण कुमार अग्रवाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। जिलाधिकारी ने कहा कि आज पर्यावरण प्रदूषण चिंता का विषय है। महाराष्ट्र के लातूर में पानी व दिल्ली के प्रदूषण की समस्या कल्पना नहीं, बल्कि चुनौती है।
प्रदूषण की वजह से ही चीन में अंधेरा छा गया था। स्थिति यही रही तो पानी की तरह हमें हवा भी फिल्टर करके लेनी पड़ेगी। उन्होंने चेताया कि सोचिए हम कहां जा रहे हैं? जितना जरूरी विकास है, उतना ही जरूरी पर्यावरण संरक्षण भी। आयोजन के लिए उन्होंने अमर उजाला की तारीफ की। केएनआईपीएसएस के पर्यावरण विज्ञान के विभागाध्यक्ष डॉ. प्रकाशचंद्र तिवारी ने कहा कि मृदा के उपजाऊ तत्वों को बरकरार रखने के लिए पानी के संचयन की जरूरत है।
प्रकृति को प्रदूषणमुक्त रखना आज एक बड़ा मुद्दा है। जिस गति से जल का उत्सर्जन किया जा रहा है। उसी गति से जल का संचयन भी किया जाय। तभी जलचक्र का अनुपात सही होगा। साहित्यकार कमल नयन पांडेय ने पर्यावरण के शाब्दिक अर्थ से अपने व्याख्यान की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए चेतना जागरण अभियान चलाना होगा। नगर पालिका अध्यक्ष प्रवीन अग्रवाल ने कहा कि आज पक्षियों की संख्या काफी घट रही है।